मुंबई-दिल्ली-जयपुर-बेंगलुरु-हैदराबाद की 14 उड़ानें जारी, केंद्र ने सब्सिडी अवधि बढ़ाई, इंदौर-भोपाल जुड़ने की उम्मीद

उदयपुर

उदयपुर की हवाई कनेक्टिविटी को लेकर अब नई उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार की संशोधित उड़ान योजना में वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है। इससे एयरलाइंस कंपनियां की ओर से इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद और पुणे जैसे हाई-डिमांड रूट। 

लंबे समय तक मिलने वाली सब्सिडी एयरलाइंस के लिए जोखिम कम करेगी और मेवाड़ को फिर से बेहतर हवाई नेटवर्क से जोड़ सकती है। केंद्र सरकार की यह पहल उदयपुर के पर्यटन और मार्बल उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि राज्य सरकार चैलेंज मोड के तहत इन बंद रूट्स की डिमांड केंद्र को भेजती है तो इन रूट्स को प्राथमिकता मिल सकती है।

एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि बड़े विमान और किफायती किराया मॉडल के साथ इन रूट्स पर पैसेंजर लोड और बढ़ सकता है। पहले से ही इन रूट्स पर करीब 80 फीसदी सीटें भरी जा रही थीं। जो इनके व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य होने का संकेत है। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी लगातार इन फ्लाइट्स को बहाल करने की मांग कर रहे हैं, जिससे केंद्र स्तर पर इस दिशा में पहल की संभावना और मजबूत हो गई है।

ये भी पढ़ें :  वैलेंटाइन डे वीक पर एयरलाइंस कई ऑफर लेकर आई, इंडिगो ने 50% किराए में छूट की घोषणा

ये रूट बंद हुए, यही प्राथमिकता पर
    इंदौर रूट (29 मार्च 2026 से बंद) – इसी समर शिड्यूल में कनेक्टिविटी टूटी। व्यापारिक और धार्मिक पर्यटन के लिहाज से यह सबसे ज्यादा मांग वाला रूट था।

    भोपाल एवं अहमदाबाद (पिछले शिड्यूल से बंद) – मध्य प्रदेश की राजधानी और गुजरात के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र से सीधा हवाई संपर्क कटा हुआ है। इससे यात्रियों को सड़क मार्ग पर निर्भर होना पड़ रहा है।

ये भी पढ़ें :  Delhi Mumbai Expressway : PM मोदी ने किया दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पहले फेज का उद्घाटन, कही यह बात...

    पुणे रूट (2020 से बंद) – पिछले 6 सालों से सीधी उड़ान का इंतजार है। पुणे में रहने वाले हजारों मेवाड़ी छात्र और आईटी प्रोफेशनल्स के लिए यह कनेक्टिविटी सबसे जरूरी है।

भास्कर सुझाव – संशोधित उड़ान में बड़े विमान-सस्ता किराया यात्रियों का लोड बढ़ाने में रहेगा कारगार संशोधित उड़ान में बड़े विमान-सस्ता किराया का फार्मूला इन रूट्स पर पैसेंजर लोड बढ़ाने में कारगर हो सकता है। क्योंकि, अब 5 साल तक सरकार वित्तीय घाटे की भरपाई करेगी। इससे उनपर वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत सहित मेवाड़ के बड़े जनप्रतिनिधि इन बंद हुई इन फ्लाइट्स को वापस बहाल कराने की लगातार मांग कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

नए शिड्यूल पर सवाल – जो फ्लाइटें छीनी, उनमें था 80 फीसदी यात्रीभार टूरिस्ट सिटी उदयपुर की हवाई कनेक्टिविटी पिछले कुछ समय से लैंडिंग मोड पर चल रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि समर शिड्यूल में उदयपुर-भोपाल, उदयपुर-इंदौर और उदयपुर-अहमदाबाद के बीच चलने वाली जिन फ्लाइट्स का बंद किया गया, उनमें करीब 80 फीसदी सीट्स फुल चल रही थीं। वहीं, पुणे जैसा बड़ा आईटी और एजुकेशन हब तो साल 2020 से ही उदयपुर के हवाई नक्शे से गायब है। अभी मुंबई के लिए 6, दिल्ली 4 फ्लाइट, जयपुर 2, और बेंगलुरु व हैदराबाद के लिए 1-1 फ्लाइट का संचालन हो रहा है।

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment