वोटिंग परसेंट पर मिल सकेगी सटीक और त्वरित जानकारी , बिहार चुनाव से पहले EC का बड़ा कदम

नई दिल्ली 
निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कहा है कि वह अनुमानित मतदान प्रतिशत आंकड़ों पर समय पर अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक सुव्यवस्थित एवं प्रौद्योगिकी-संचालित VTR (voter turnout percentage) प्रणाली शुरू कर रहा है। इससे पहले की पुरानी पद्धतियों से लगने वाला समय-अंतराल काफी कम हो जाएगा। आयोग द्वारा की जा रही ये बदलाव की पहल बिहार चुनाव से ऐन पहले हो रहा है।

इस पहल के तहत, प्रत्येक मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी अब मतदान के दिन हर दो घंटे में नए ECINET एप्लीकेशन पर सीधे मतदाता उपस्थिति दर्ज करेंगे, ताकि अनुमानित मतदान रुझानों को अद्यतन करने में लगने वाले समय को कम किया जा सके। निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर इसे स्वचालित रूप से एकत्रित किया जाएगा।
वोटिंग परसेंट का डेटा हर दो घंटे पर होता रहेगा प्रकाशित

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निर्वाचन आयोग ने एक बयान जारी कर कहा है कि अनुमानित मतदान प्रतिशत डेटा पहले की तरह हर दो घंटे में प्रकाशित होता रहेगा। इसमें कहा गया है, ‘‘विशेष रूप से, मतदान समाप्ति के तुरंत बाद, मतदान केंद्र छोड़ने से पहले, मतदाता मतदान डेटा अब पीठासीन अधिकारी द्वारा ईसीआईएनईटी में दर्ज किया जाएगा। इससे समय की बचत होगी और यह सुनिश्चित होगा कि मतदान समाप्त होने के बाद नेटवर्क कनेक्टिविटी के अधीन मतदान का अनुमानित प्रतिशत अद्यतन मतदाता मतदान ऐप पर निर्वाचन क्षेत्रवार उपलब्ध हो।’’

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CEC ज्ञानेश कुमार की पहल
चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम 49एस के वैधानिक ढांचे के तहत, पीठासीन अधिकारियों (पीआरओ) को पोलिंग एजेंटों को दर्ज किए गए मतों का विवरण देने वाला फॉर्म 17सी प्रस्तुत करना आवश्यक है। नई व्यवस्था में भी यह परंपरा जारी रहेगी लेकिन समय-समय पर वीटीआर ऐप को अपडेट करने की प्रक्रिया तेजी से हेती रहेगी। बयान में कहा गया है, यह पहल समय पर सार्वजनिक संचार सुनिश्चित करने के लिए आयोग की प्रतिबद्धता के अनुरूप है, जिसे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विभिन्न अवसरों पर स्पष्ट किया है।

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आयोग की तरफ से बयान में कहा गया है कि जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, वहां कनेक्टिविटी बहाल होने के बाद प्रविष्टियां ऑफलाइन की जा सकती हैं और उसे सिंक की जा सकती हैं। यह अपडेट किया गया VTR ऐप बिहार चुनाव से पहले ECINET का एक अभिन्न हिस्सा बन जाएगा।

 

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