कलेक्टर ने की बाढ़ राहत तैयारियों की समीक्षा, आपदा से निपटने हमेशा तैयार रहें बचाव दल

बिलासपुर
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आगामी बरसात को देखते हुए बाढ़ राहत के लिए की जा रही प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आपदाएं किसी को पूर्व सूचना देकर नहीं आती, अचानक रूप से कहीं पर भी प्रकट हो सकती हैं। इसलिए हमें हर समय हर तरह की आपदा से निपटने के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए। उन्होंने बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों को ठहराने के लिए राहत शिविर, सामुदायिक रसोई, नावों की व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लेकर हमेशा तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष एवं दूरभाष नम्बर 07752-251000 को सक्रिय रखने को कहा है।

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    कलेक्टर ने कहा कि हमेशा की तरह बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान कर लिया जाये। इन इलाकों में लोगों को ठहराने के लिए राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई के लिए स्थल का भी चयन कर लिया जाये। सरकारी और निजी स्तर पर नावों की उपलब्धता का आकलन कर लिया जाये। नाविकों को लाईफ जैकेट भी उपलब्ध कराया जाये। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए मोबाईल चिकित्सा यूनिट एवं चिकित्सा दलों का गठन अभी से कर लिया जाये। आपदा प्रबंधन के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं होम गार्डस की टीमों को तैनात किया जायेगा।

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उन्हें अच्छी तरह से और अधिक प्रशिक्षित किया जाये उनकी मॉक ड्रिल भी समय-समय पर आयोजित होते रहना चाहिए ताकि वे तैयार एवं अपडेट रहें और लोगों में बचाव के प्रति जागरूकता भी आए। उन्होंने जल संसाधन विभाग को बांधों और नदियों में जल स्तर की सतत् निगरानी करते हुए लोगों को इसकी जानकारी देते रहने के निर्देश दिए हैं। जिला कार्यालय में बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर रजनी भगत मोबाईल नम्बर 9174755256 को बनाया गया है। बैठक में में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, डोगरा रेजिमेन्ट के कैप्टन गजराज, जिला कमाण्डेन्ट दीपांकुर नाथ, जल संसाधन विभाग खारंग के ईई मधु चन्द्रा, जल संसाधन संभाग कोटा के ईई डी जायसवाल, अधीक्षक भू-अभिलेख खिलेन्द्र यादव उपस्थित थे।

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