बेनीवाल ने कहा, “कांग्रेस में कोई नहीं जानता कि असली दूल्हा कौन, गहलोत खुद को दूल्हा बताते हैं, पायलट भी दावा करते …..

नागौर 
नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के मुखिया हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। जयपुर के शहीद स्मारक पर एसआई भर्ती परीक्षा रद्द करवाने की मांग को लेकर चल रहे धरने के दौरान उन्होंने कांग्रेस की आंतरिक कलह को लेकर तीखे व्यंग्य किए। बेनीवाल ने कहा, "कांग्रेस में कोई नहीं जानता कि असली दूल्हा कौन है। गहलोत खुद को दूल्हा बताते हैं, पायलट भी यही दावा करते हैं, गमछे वाले (संभवत: डोटासरा) भी पीछे नहीं हैं और जूली भी खुद को आगे दिखाने की कोशिश में लगे हैं। जब पांच-पांच लोग खुद को दूल्हा बताएंगे, तो टिकट किसे मिलेगा?”

बयान के दौरान मौजूद समर्थकों ने ठहाके लगाए, लेकिन इसका सियासी असर गंभीर माना जा रहा है। बेनीवाल ने इस बयान को और धार देते हुए कहा, "पांच-पांच पति तो द्रौपदी के थे, अब कांग्रेस की हालत भी वैसी हो गई है।” इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस शुरू हो गई है।

ये भी पढ़ें :  राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहुंचे राजभवन, राज्यपाल के साथ एट होम कार्यक्रम में की शिरकत

गठबंधन पर 'पीठ में छुरा' का आरोप

हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस पर पुराने गठबंधन के समय किए गए व्यवहार को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरएलपी के साथ गठबंधन कर "पीठ में छुरा घोंपा"। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने और आरएलपी को तोड़ने के लिए साजिश रची।

एक टीवी इंटरव्यू में बेनीवाल ने खुलासा किया कि उनके भाई उम्मेदाराम बेनीवाल को कांग्रेस में शामिल कर उन्हें कमजोर करने की कोशिश की गई, जबकि वे हमेशा कांग्रेस का समर्थन करते रहे। "अगर कांग्रेस को लगता है कि वह अब मजबूत हो गई है, तो पंचायत राज चुनावों में उसकी सच्चाई सामने आ जाएगी," उन्होंने कहा।

ये भी पढ़ें :  राजस्थान में उपचुनाव में आया रविंद्र सिंह भी उछले, हनुमान बेनीवाल का नरेश मीणा को समर्थन

आंदोलन के बहाने कांग्रेस पर हमला

एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर धरने पर बैठे बेनीवाल ने आंदोलन के मंच से कांग्रेस के 'दोहरी राजनीति' पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे इस लड़ाई को सिर्फ परीक्षा रद्द कराने तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि कांग्रेस के 'दोहरे चेहरे' को उजागर करते रहेंगे।

कांग्रेस में हलचल, RLP में उत्साह

बेनीवाल के तीखे बयानों के बाद कांग्रेस खेमे में हलचल देखी जा रही है। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने बेनीवाल के आरोपों को सिरे से खारिज किया है, लेकिन बयानबाजी ने पार्टी की अंदरूनी खेमेबाजी को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है। वहीं, आरएलपी समर्थकों के बीच बेनीवाल की यह टिप्पणी 'ईमानदार और स्पष्टवक्ता नेता' की छवि को और मजबूत करती नजर आ रही है।

ये भी पढ़ें :  राजस्थान की बदलती जलवायु: दिन में तेज गर्मी, रात में ठंडक, बाड़मेर सबसे गर्म, सीकर सबसे ठंडा

आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बेनीवाल की ये बयानबाजी केवल कांग्रेस पर हमला भर नहीं, बल्कि आगामी पंचायत और निकाय चुनावों से पहले जनमानस को साधने की रणनीति का हिस्सा है। वे अपनी पार्टी को कांग्रेस और भाजपा दोनों से अलग एक विकल्प के तौर पर पेश करना चाहते हैं।

राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी की यह जंग केवल शब्दों की नहीं, बल्कि सियासी वर्चस्व की भी लड़ाई है। हनुमान बेनीवाल के बयानों ने कांग्रेस की आंतरिक राजनीति की परतें एक बार फिर खोल दी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि इस सियासी बयानबाजी का प्रभाव आगामी चुनावों पर कितना पड़ता है और कांग्रेस इस हमले का क्या जवाब देती है।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment