कानपुर डीएम और सीएमओ के बीच चल रहे विवाद में बड़ा ऐक्शन, डीएम ने दिखा दिया दम, कानपुर सीएमओ सस्पेंड

कानपुर
कानपुर डीएम और सीएमओ के बीच चल रहे विवाद में बड़ा ऐक्शन हुआ है। यूपी सरकार ने कानपुर सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी को सस्पेंड कर दिया गया। उनकी जगह श्रावस्ती के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उदयनाथ को कानपुर का नया सीएमओ बनाया गया। डीएम से उलझने के बाद डॉ. हरिदत्त ने ट्रांसफर और निलंबन रुकवाने को लेकर काफी कोशिश की लेकिन सब बेकार हो गई। डॉ. हरिदत्त नेमी को कानपुर से न हटाए जाने की स्पीकर महाना से लेकर कई विधायक भी सिफारिश कर चुके हैं। इसके बाद भी सीएमओ पर गाज गिर गई और उन्हें गुरुवार को सस्पेंड कर दिया गया।
 पिछले दिनों डीएम की ओर से सीएमओ के निलंबन की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेजा गया था। इसके बाद सीएमओ के वायरल हो रहे ऑडियो को लेकर स्थिति गंभीर हो गई। रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की ओर से सीएमओ के पक्ष में उपमुख्यमंत्री को लिखा 11 जून का पत्र वायरल हुआ। इसके अलगे ही दिन कानपुर के चार विधायकों के पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को लिखे गए लेटर में महाना ने सीएमओ का तबादला न करने की बात लिखी थी। लेटर में लिखा था, सीएमओ आवास पर आए थे। उन्होंने तबादला होने की बात बताई थी। पूरी बात सुनने के बाद मैंने 11 जून को डिप्टी सीएम एवं चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा था। कानपुर में तैनात सीएमओ का कार्य एवं व्यवहार आमजन और जनप्रतिनिधियों के प्रति मृदुल व सराहनीय है। जनहित में इन्हें बनाए रखने पर विचार हो। रही बात डीएम और सीएमओ के बीच विवाद की तो जानकारी नहीं है। इसके बाद दो विधायकों ने भी शासन को पत्र लिखकर सीएमओ के समर्थन में सिफारिश की थी।

ये भी पढ़ें :  विद्यार्थियों में अनुशासन की भावना को बढ़ाने के लिये होगा एनसीसी का विस्तार

डीएम ने सीएमओ को मीटिंग से निकाला था बाहर
बीते शनिवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में सभी विभागों के अफसरों की बैठक थी। सुबह 11 बजे से जिलाधिकारी सीएम डैश बोर्ड की समीक्षा करने पहुंचे थे। जिले भर के सभी अधिकारी बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। इसमें सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी अपने साथ एसीएमओ रमित रस्तोगी को लेकर पहुंचे। बैठक शुरू होते ही सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा का नंबर आ गया। तभी डीएम ने सीएमओ को देखते हुए कहा, सीएमओ साहब ये क्या हो रहा है। उनका संकेत एक वायरल ऑडियो की ओर था, जो सीएमओ का बताया जा रहा है। जिसमें डीएम के बारे में अमर्यादित टिप्पणी की गई है। जवाब में सीएमओ ने कहा सर, ये फेक ऑडियो हैं। किसी ने एआई से बनाकर वायरल किया है। यह सुनते ही जिलाधिकारी ने सीएमओ केा बाहर जाने का आदेश दे दिया। उन्होंने कहा, आप जाएं और जांच कराएं। फेक है तो एफआईआर दर्ज कराएं।

ये भी पढ़ें :  हिंदू महिलाओं को बड़ा अधिकार: ससुर से भी मांग सकती हैं गुजारा भत्ता, हाईकोर्ट ने रखी खास शर्त

क्या है पूरा मामला
फरवरी में डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सीमएओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। डीएम के निरीक्षण में सीएमओ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी बिना सूचना के गैर हाजिर मिले थे। इसके बाद डीएम ने सीएचसी और पीएचसी का भी दौरा किया। वहां कागजातों में अनियमितता मिलीं। साथ ही कर्मचारियों की लापरवाही भी सामने आई। डीएम ने इसको गंभीरता से लेते हुए सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश कर दी थी। तब से ही डीएम और सीएमओ के बीच तनातनी चल रही है।

ये भी पढ़ें :  बागपत में हादसा, भगवान आदिनाथ के निर्वाण लड्डू पर्व पर वॉच टावर गिरा , 25 श्रद्धालु घायल, 7 की मौत

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment