गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का नाम तकनीकी दुनिया में किसी परिचय का मोहताज नहीं, जाने किस देश की नागरिकता है

नई दिल्ली 
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का नाम तकनीकी दुनिया में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। तमिलनाडु के मदुरै में जन्मे पिचाई ने अपनी शुरुआती शिक्षा भारत में पूरी की और फिर अमेरिका का रुख किया। IIT खड़गपुर से बीटेक, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमएस और व्हार्टन स्कूल से MBA करने के बाद उन्होंने टेक इंडस्ट्री में बड़ा नाम कमाया।

गौरंगा दास से मुलाकात बनी चर्चा का विषय
हाल ही में लंदन के 'इंडिया ग्लोबल फोरम' में उनकी मुलाकात उनके पुराने मित्र और इस्कॉन भिक्षु गौरंगा दास से हुई। यह मुलाकात सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इस दौरान सुंदर पिचाई ने मजाक में कहा, “आप मुझसे कहीं ज्यादा युवा दिखते हैं”, जिस पर गौरंगा दास ने जवाब दिया, “क्योंकि आप तनाव से जुड़े हैं, और मैं भगवान से।”

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अब अमेरिका के नागरिक हैं सुंदर पिचाई
सुंदर पिचाई वर्तमान में अमेरिकी नागरिक हैं। उन्होंने अमेरिकी नागरिकता ग्रहण कर ली है। भारत में नागरिकता अधिनियम-1955 के अनुसार, भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता है। इसका मतलब है कि अगर कोई भारतीय नागरिक किसी अन्य देश की नागरिकता लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वत: समाप्त हो जाती है।

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OCI कार्ड से भारत से जुड़ाव
हालांकि, जो लोग भारतीय मूल के हैं और विदेशी नागरिक बन चुके हैं, उनके लिए भारत सरकार OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड जारी करती है। यह कार्डधारक भारत में वीजा-फ्री यात्रा, रहने, काम करने और संपत्ति खरीदने जैसे अधिकारों का लाभ ले सकते हैं। हालांकि, वे वोट नहीं दे सकते, सरकारी नौकरी नहीं पा सकते, और संवैधानिक पदों पर नियुक्त नहीं हो सकते।

भारत के लिए आज भी गहरा जुड़ाव
सुंदर पिचाई अपने एक इंटरव्यू में कह चुके हैं कि "मैं एक अमेरिकी नागरिक हूं, लेकिन भारत मेरे भीतर गहराई से बसा हुआ है।" उन्होंने बचपन की कठिनाइयों को याद करते हुए बताया कि कैसे उनके घर में रोटरी फोन पाने के लिए 5 साल इंतजार करना पड़ा और कैसे पानी की एक-एक बाल्टी के लिए लाइन लगानी पड़ती थी।

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तकनीक से बदलाव का सपना
बचपन की इन्हीं परिस्थितियों ने सुंदर पिचाई को प्रेरित किया कि तकनीक ही वह शक्ति है, जो आम लोगों का जीवन बदल सकती है। आज वे गूगल के माध्यम से वही सपना साकार कर रहे हैं।

 

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