मदनपुरा में बाढ़ का कहर, हालात का जायजा लेने नाव से पहुंचे कलेक्टर

कोटा

जिले में लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में इसका प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है। कई पंचायतों और गांवों में नदी-नालों का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।

इसी कड़ी में जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने बुधवार को इटावा उपखंड की पीपल्दा तहसील के मदनपुरा गांव का दौरा किया। गांव तक पहुंचने के रास्ते में जलभराव होने के कारण वे एसडीआरएफ टीम के साथ नाव के जरिए गांव पहुंचे और वहां की स्थिति का जायजा लिया। बाद में उन्होंने बाइक से गांव का भ्रमण कर हालात को नजदीक से देखा।

ये भी पढ़ें :  राजस्थान-आठ जिलों के 160 मिट्टी कामगारों को मिलेंगे विद्युत चाक, श्रीयादे माटी कला बोर्ड अध्यक्ष ने लॉटरी से किया चयन

कलेक्टर समारिया ने एसडीएम इटावा हेमंत कुमार घनघोर और पीपल्दा तहसीलदार अरुण सिंह से क्षेत्र की स्थिति, लोगों की सुरक्षा और उनके पुनर्वास की तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की एक-एक टीम को खातौली में तैनात रखने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत व बचाव कार्यों को तत्काल अंजाम दिया जा सके।

ये भी पढ़ें :  राजस्थान-जिलास्तरीय जनसुनवाई एवं समाधान गुरुवार को, कलेक्ट्रेट सभागार में प्रातः 11 बजे से कार्यक्रम

अधिकारियों ने बताया कि पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ने से उसका पानी सूकनी नदी के कैचमेंट एरिया में पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में राहत व बचाव कार्यों की पूरी तैयारी कर ली गई है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को स्थानीय मैरिज गार्डन, पंचायत समिति भवन, सामुदायिक भवन और स्कूलों में ठहराने की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान कलेक्टर के साथ कोटा ग्रामीण एसपी सुजित शंकर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन मुकेश चौधरी और पुलिस उपाधीक्षक शिवम जोशी भी मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें :  जैसलमेर बस हादसा: 20 जानें क्यों नहीं बच सकीं? खुली एग्जिट गेट न होने की दर्दनाक सच्चाई

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment