अपराधियों के मददगार निकले ‘पेशेवर जमानतदार’, प्रतापगढ़ पुलिस ने 11 को दबोचा, मचा हड़कंप

प्रतापगढ़
मुल्जिम ने क्या किया है, कौन है, कितना बड़ा अपराधी है, किस जुर्म में पकड़ा गया है…। इन सवालों का जवाब खोजे बगैर पैसे की खातिर जमानतदार बनने वाले पेशेवरों के खिलाफ कार्रवाई की पहल हुई है। पुलिस ने 33 पर केस दर्ज करके शनिवार को 11 पेशेवरों को पकड़ा है।

पेशेवर जमानतदारों की मदद से जेल से छूट रहे बदमाश
पुलिस मुठभेड़ व अन्य तरीकों से बदमाशों को पकड़ती है, लेकिन बदमाश पेशेवर जमानतदारों की मदद से कुछ ही दिन में जेल की सलाखों से आजाद हो जाते हैं। ऐसे में जिले में पुलिस द्वारा पेशेवर व फर्जी जमानतदारों के विरुद्ध विशेष अभियान शुरू किया गया है।
 
इन जमानतदारों ने पुलिस के समक्ष खोले कई राज
शनिवार को एसपी दीपक भूकर ने पत्रकारों को बताया कि अभियान के तहत पकड़े गए पेशेवर जमानतदारों से पूछताछ में कई बातों का पता चला है। एसपी ने कहा कि कुछ वकील भी इसमें शामिल बताए गए हैं। पकड़े गए पेशेवर जमानतदारों ने बताया कि वह अपनी जमीन के कागजात, परिचय पत्र आदि अधिवक्ताओं को दे देते थे। अधिवक्ता उनका प्रयोग करते रहते थे।

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मुल्जिमो को छुड़ाने में दो से तीन हजार रुपये मिलते थे
पकड़े गए अधिकांश जमानतदारों ने पांच से अधिक मुल्जिमों की जमानत ली है। हर बार इनको दो से तीन हजार रुपये मिलते थे। साथ ही न्यायालय में जो शपथ पत्र दिया है, उसमें फर्जी तरीके से बताया कि हमारे द्वारा अन्य किसी की जमानत नही ली गई है।

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शामिल लोगों पर भी होगी कड़ी कार्रवाई 
एसपी ने कहा कि इसमें शामिल वकील या अन्य जो भी लोग पाए जाएंगे उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दर्ज कराए गए केस की जांच के लिए एसआइटी गठित कर दी गई है। इसमें दाे इंस्पेक्टर व चार सब इंस्पेक्टर रखे गए हैं।

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