H-1B के बाद अब नया संकट! ट्रंप प्रशासन के फैसले से हजारों भारतीय कर्मचारियों की नौकरी खतरे में

वाशिंगटन 
अमेरिका में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों के लिए बुरी खबर आई है। ट्रंप सरकार ने एक नया नियम लागू किया है, जिससे हजारों भारतीयों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है। यह नियम अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग (DHS) द्वारा जारी किया गया है और 30 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हो गया है।

क्या है नया नियम?
डीएचएस ने घोषणा की है कि अब EAD (Employment Authorization Document) यानी रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज़ का ऑटोमेटिक एक्सटेंशन (स्वत: विस्तार) बंद कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अगर किसी विदेशी नागरिक का ईएडी समय पर रिन्यू नहीं हुआ, तो वह अब अमेरिका में काम जारी नहीं रख पाएगा। पहले तक विदेशी कर्मचारी अपने ईएडी नवीनीकरण आवेदन लंबित रहने के बावजूद 540 दिनों तक नौकरी कर लेकिन अब यह सुविधा खत्म कर दी गई है। नए नियम के तहत अगर किसी व्यक्ति का रिन्यूअल आवेदन समय से पहले मंजूर नहीं होता, तो उसे तुरंत काम बंद करना होगा।

ये भी पढ़ें :  पाकिस्तान में थिएटर में बैन, मगर घर-घर में धुरंधर की पायरेटेड CD बिक रही, कीमत सिर्फ 16 रुपए

अब होगी बार-बार जांच
नए नियम के तहत विदेशियों को बार-बार जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। अब तक एक बार आवेदन करने पर लंबे समय तक अनुमति मिल जाती थी, लेकिन अब हर बार समय से पहले नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। डीएचएस ने कहा है कि विदेशी नागरिकों को अपने ईएडी समाप्त होने से कम से कम 180 दिन पहले आवेदन करना चाहिए, ताकि देरी की स्थिति में उनका रोजगार प्रभावित न हो।

ये भी पढ़ें :  बेहद नाजुक मोड़ पर इजरायल और ईरान की जंग, ट्रंप ने पूरा तेहरान खाली करने को कहा

भारतीय पेशेवरों पर सबसे बड़ा असर
यह बदलाव सबसे ज्यादा भारतीय नागरिकों को प्रभावित करेगा, जो अमेरिका में आईटी सेक्टर, इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में काम कर रहे हैं। विशेष रूप से H-4 वीजा धारक, ग्रीन कार्ड आवेदक और OPT के तहत काम कर रहे छात्र इस नियम से प्रभावित होंगे। भारत से अमेरिका जाने वाले हजारों पेशेवर पहले से ही वीजा और ग्रीन कार्ड प्रोसेस की देरी से परेशान हैं, और अब यह नया नियम उनकी मुश्किलें और बढ़ा देगा।

विशेषज्ञों की राय
अमेरिकी इमीग्रेशन विशेषज्ञ हेनरी लिंडपेरे का कहना है कि यह कदम अमेरिका में रोजगार प्राधिकरण नवीनीकरण प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा, “इस नियम से बड़ी संख्या में विदेशी कामगारों, खासकर भारतीय पेशेवरों को नुकसान होगा। अगर आवेदन प्रक्रिया में थोड़ा भी विलंब हुआ, तो लोग अपनी नौकरी खो सकते हैं।”

ये भी पढ़ें :  रायपुर में अमरूद तोड़ने के दौरान हादसे में तीन भाई-बहनों की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम

क्यों लिया गया यह फैसला?
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम सिस्टम को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए उठाया गया है। आलोचकों का मानना है कि यह निर्णय प्रवासियों के खिलाफ सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है और इससे अमेरिका की कंपनियों में स्किल्ड वर्कफोर्स की कमी हो सकती है।

Share

Leave a Comment