ओवैसी का करारा जवाब: फिदायीन हमले को ‘शहादत’ बताने वाले उमर नबी पर निशाना

नई दिल्ली 
दिल्ली में बम धमाका करके अपने साथ 15 लोगों की जिंदगी छीनने वाला आतंकी उमर नबी बम बांधकर इस तरह किए जाने वाले फिदायीन हमलों को मजहब का सबसे अच्छा काम मनता था। उमर के फोन से निकले एक वीडियो में वह इसे इस्लाम में जायज ठहराने की कोशिश करता दिखा। अब एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने आतंकी के कुतर्कों का जवाब देते हुए कहा कि यह इस्लाम में हराम है। उन्होंने कहा कि यह आतंकवाद के अलावा कुछ नहीं है।
 
दिल्ली में लाल किले के पास कार में धमाका करके मासूम लोगों की जान लेने वाले आतंकी का मोबाइल फोन कश्मीर से बरामद किया गया है। घटना से कुछ दिन पहले वह अपने घर गया था और अपने भाई को एक फोन यह कहकर दे आया था कि यदि उसके बारे में कोई जानकारी आए तो इसे पानी में फेंक देना। अब पुलिस ने उसके भाई को हिरासत में लेकर फोन बरामद किया तो उसमें यह वीडियो सामने आया। वीडियो में उमर नबी फिदायीन हमले को जायज ठहराते हुए कहता है कि इसे गलत समझा जा रहा है और इसके खिलाफ कई तर्क दिए जा रहे हैं, लेकिन सुसाइड बॉम्बिंग शहादत का अभियान है जिसे इस्लाम में भी इसी रूप में बताया गया है।

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ओवैसी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा कि दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी उमर नबी का एक बिना तारीख वाला वीडियो आया है जिसमें वह सुसाइड बॉम्बिंग को 'शहादत' और 'गलत समझा गया' बताते हुए उचित ठहरा रहा है। ओवैसी ने कहा, 'सुसाइड इस्लाम में हराम है और निर्दोष लोगों की हत्या बहुत बड़ा पाप है। इस तरह की हरकत कानून के भी खिलाफ है। इसे किसी भी तरह से 'गलत नहीं समझा गया' है। यह आतंकवाद के अलावा कुछ नहीं है।'

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गृहमंत्री अमित शाह से सवाल
एआईएमआईएम नेता ने गृहमंत्री अमित शाह की ओर से किए गए दावे का जिक्र करते हुए पूछा कि इस समूह का पता नहीं लगा पाने के लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव के दौरान अमित शाह ने संसद को भरोसा दिया कि पिछले छह महीने में कोई भी स्थानीय कश्मीरी आतंकवादी समूहों में शामिल नहीं हुआ। तब यह समूह कहां से आया? इस समूह का पता नहीं लगा पाए जाने के लिए कौन जिम्मेदार है?'

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