सब साथ जाते तो त्रासदी और बढ़ती, 18 जनों की मौत पर सैयद राशिद का दर्दनाक बयान

हैदराबाद 
9 नवंबर 2025 को सऊदी अरब के लिए रवाना करते समय सैयद राशिद ने अपने परिवार को हवाई अड्डे पर अलविदा कहा था। उन्हें कहां पता था कि यह आखिरी मुलाकात होगी और वे उन्हें दोबारा कभी नहीं देख पाएंगे। दरअसल, सऊदी अरब में उमराह यात्रियों से भरी एक बस मक्का से मदीना जाते समय डीजल टैंकर से टकरा गई थी। हादसा इतना भयावह था कि बस में सवार एक को छोड़ सभी जलकर राख हो गए। इस हादसे में कुल 45 भारतीय नागरिकों की मौत हुई, जिनमें एक ही परिवार के 18 सदस्य शामिल थे।

परिवार के सैयद राशिद के लिए यह जीवन का सबसे बड़ा सदमा था। मदीना के पास हुए भयानक हादसे में उन्होंने अपने परिवार के कुल 18 सदस्यों को एक साथ खो दिया। मृतकों में उनके 65 वर्षीय पिता शेख नसीरुद्दीन (सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी), 60 वर्षीय मां अख्तर बेगम, 38 वर्षीय बड़ा भाई, 35 वर्षीय भाभी और उनके तीन छोटे-छोटे बच्चे शामिल थे। इसके अलावा अमेरिका में रहने वाले चचेरे भाई सिराजुद्दीन, उनकी पत्नी सना और उनके तीन बच्चे, रिश्तेदार अमीना बेगम और उनकी बेटी, शमीना बेगम और उनका बेटा, और रिजवाना बेगम और उनके दो बच्चे भी इस हादसे में चल बसे।

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काश मेरी बात मान ली होती
हैदराबाद के विद्यानगर में सीपीआई(एम) मार्क्स भवन के पास रहने वाले राशिद ने बताया कि 9 नवंबर को उमराह के लिए जा रहे परिवार को उन्होंने खुद हैदराबाद एयरपोर्ट पर विदा किया था। उस वक्त उन्होंने सबको समझाया था कि इतने सारे लोग और खासकर छोटे बच्चे एक साथ न जाएं। हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत करते हुए राशिद ने रोते हुए कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं उन्हें जिंदगी में आखिरी बार देख रहा हूं। काश उन्होंने मेरी बात मान ली होती, तो शायद उनमें से कुछ तो बच जाते।

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इसी परिवार के एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि उन्होंने भी अपने पांच परिजनों को खो दिया है। मृतकों में दो बहनोई, सास और एक भतीजी। वे बोले कि जब सऊदी अधिकारियों ने फोन पर कहा कि बस में सवार सभी लोग मर चुके हैं, तो मैं सदमे में आ गया। मैं भारत सरकार से गुजारिश करता हूं कि हमारे अपनों के शव जल्द से जल्द भारत लाए जाएं।

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9 नवंबर को सऊदी गए थे
बाजारघाट की अल मक्का ट्रैवल्स की सहयोगी कंपनी अल मीना ट्रैवल्स के प्रतिनिधि ने बताया कि उनके ग्रुप के 20 यात्री 9 नवंबर को सऊदी अरब गए थे। मक्का में जियारत के बाद 16 लोग मदीना वापस लौट रहे थे। पहले एजेंसी को उनके ठिकाने की कोई खबर नहीं थी, लेकिन बाद में सऊदी अधिकारियों ने पुष्टि की कि बस में मौजूद सभी यात्री मारे गए।

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