इमरान खान जिंदा होने का दावा: बेटे के सबूत मांगने पर सांसद बोले—मिला है पक्का आश्वासन

रावलपिंडी

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर दुनियाभर में चर्चा जारी है। मौत की अफवाहों के बीच अब उनकी ही पार्टी के एक सांसद ने दावा किया है कि खान अभी जिंदा है और अडियाला जेल में ही हैं। लेकिन उनके ऊपर जल्द से जल्द देश छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। गौरतलब है कि यह बयान उस समय पर आया है, जब पिछले कुछ दिनों से लगातार इमरान खान की मौत की खबरें उड़ रही थीं। उनके बेटे और बहन ने भी खान के जिंदा होने के सबूत की मांग की थी।

ये भी पढ़ें :  CM साय का आज का कार्यक्रम: मुख्यमंत्री साय आज राजधानी परिसर नवा रायपुर में एक पेड़ माँ के नाम और स्मार्ट सिटी के विभिन्न कार्यो के कार्यक्रम का करेंगे लोकार्पण, जानिए पूरी खबर

पाकिस्तान के पूर्व पीएम की उड़ती अफवाहों पर विराम लगाते हुए पार्टी के सांसद खुर्म जीशान ने इमरान की मौत की खबर को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने एएनआई से कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री फिलहाल अडियाला जेल में ही कैद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खान को सबसे अलग रखना और जेल में परेशान करना एक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत उन्हें पाकिस्तान छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "यह बहुत ही ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण है। एक महीना हो गया है और खान को जेल में ही सबसे अलग रखा गया है। उनके परिवार, वकीलों यहां तक की पीटीआई के नेताओं को भी उनसे मिलने नहीं दिया गया। यह मानवाधिकारों का पूरी तरह से उल्लंघन है। ऐसा लगता है कि उन्हें किसी बात के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनकी हिम्मत तोड़ने की कोशिश की जा रही है।"

ये भी पढ़ें : 

दरअसल, यह पूरा मामला उस समय उठा था जब इमरान के बेटे कासिम ने अपने पिता से मिलने का समय मांगा। हालांकि, इन अफवाहों को तब और बल मिल गया जब अदालत के आदेश के बावजूद इमरान की बहनों और उनके बेटों को उनसे नहीं मिलने दिया गया। इससे यह अटकल शुरू हो गई कि इमरान खान की जेल में ही हत्या हो गई है।

ये भी पढ़ें :  विवादास्पद धार्मिक नेता और भारत का भगोड़ा जाकिर नाइक आज इस्लामाबाद पहुंचा

कासिम ने कहा, "मेरे पिता को पिछले 845 दिनों से कैद करके रखा गया है। पिछले छह हफ्तों से उन्हें मौत की सजा वाले कैदखाने में रखा गया है। हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं है।"

कासिम के इस बयान के बाद पाकिस्तान की आर्मी और शहबाज शरीफ की मिली जुली सरकार पर दबाव बना। इसके बाद उनके वकीलों और पीटीआई के नेताओं को इमरान के जिंदा होने का आश्वासन दिया गया।

Share

Leave a Comment