हथेली में डेटा सेंटर! दुनिया का सबसे छोटा AI सुपरकंप्यूटर बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर

 अमेरिका की एक नई कंपनी टाइनी AI ने एक ऐसा छोटा डिवाइस बनाया है जो दुनिया का सबसे छोटा पर्सनल AI सुपरकंप्यूटर है। इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने भी मान्यता दी है। इस डिवाइस का नाम टाइनी AI पॉकेट लैब है। यह पावर बैंक जैसा दिखता है और जेब में आसानी से रखा जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि यह 120 अरब पैरामीटर वाले बड़े AI मॉडल को बिना क्लाउड, सर्वर या महंगे GPU के खुद पर चला सकता है। कंपनी ने इसे 10 दिसंबर को लॉन्च किया। इसकी मदद से आम लोग भी डेटा सेंटर जैसी ताकत अपने हाथ में पा सकते हैं।

डेटा सेंटर जैसी पावर कैसे देगा?
इंटरेस्टिंग इंजीनियरिंग की रिपोर्ट (Ref.) बताती है कि टाइनी AI के GTM डायरेक्टर समर भोज ने कहा कि क्लाउड AI ने बहुत फायदा दिया, लेकिन अब पर्यावरण की चिंता बढ़ गई है। उनके मुताबिक, इंटेलिजेंस डेटा सेंटर में नहीं बल्कि लोगों के पास होनी चाहिए। पॉकेट लैब इसी सोच से बनाया गया है। यह डिवाइस इंटरनेट के बिना काम करता है, डेटा को डिवाइस पर ही रखता है और बैंक जैसी मजबूत सुरक्षा देता है। इससे निजता पूरी तरह सुरक्षित रहती है और बिजली की खपत भी बहुत कम होती है।

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किस काम आएगा यह सुपरकंप्यूटर?
यह छोटा सुपरकंप्यूटर डेवलपर्स, रिसर्चर, क्रिएटर्स, प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स के लिए बनाया गया है। यह वर्कफ्लो, कंटेंट बनाने और संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित तरीके से प्रोसेस करने में मदद करता है। सब कुछ ऑफलाइन होता है, इसलिए इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ती। डिवाइस में यूजर का डेटा, चॉइस और डॉक्यूमेंट्स लोकल स्टोर होते हैं। यह 10 अरब से 100 अरब पैरामीटर वाले मॉडल अच्छे से चलाता है, जो ज्यादातर रोज के कामों के लिए काफी हैं। यह 120 अरब पैरामीटर तक के मॉडल भी चला सकता है, जो GPT-4 जैसी इंटेलिजेंस देता है।

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कम बिजली खाएगा यह AI सुपरकंप्यूटर
पॉकेट लैब में ARMv9.2 का 12 कोर CPU है और यह 65 वाट बिजली में काम करता है। आम GPU वाले सिस्टम से बहुत कम बिजली खाता है। इसमें दो खास तकनीकें हैं – टर्बोस्पार्स और पावरइन्फर। टर्बोस्पार्स सिर्फ जरूरी न्यूरॉन्स को सक्रिय करता है, जिससे स्पीड बढ़ती है। पावरइन्फर CPU और NPU पर काम बांटता है, जिससे कम बिजली में अच्छा परफॉर्मेंस मिलता है। यह छोटा डिवाइस GPU जैसी ताकत देता है।

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ये मॉडल झट से हो जाएंगे इंस्टॉल
कंपनी ओपन सोर्स सिस्टम देती है। इसमें लामा, क्वेन, डीपसीक, मिस्ट्रल, फाई जैसे मॉडल एक क्लिक में इंस्टॉल हो जाते हैं। AI एजेंट्स जैसे ओपनमैनस, कॉम्फीUI भी आसानी से सेट होते हैं। नियमित अपडेट मिलते रहेंगे। जनवरी 2026 में CES में इसे दिखाया जाएगा। यह डिवाइस AI को हर किसी के लिए प्राइवेट और पर्सनल बनाता है।

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