तमनार हिंसा पर सख्त रुख: पुलिस-ग्रामीण झड़प की होगी जांच, सीएम साय बोले—दोषियों को नहीं बख्शेंगे

 रायपुर

 रायगढ़ जिले के तमनार में शनिवार को पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई हिंसक झड़प की जांच होगी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना की जांच में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है.

बता दें कि रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में शनिवार को जिंदल के कोयला खदान के विरोध में आंदोलन कर रहे 14 गांव के ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के साथ न केवल मारपीट की बल्कि बस समेत दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था. हिंसक झड़प में महिला टीआई कमला पुसाम समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे. पुलिस ने घटनाक्रम के बाद 30 से 35 लोगों को गिरफ्तार किया है.

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दरअसल, पिछले दिनों जिंदल कंपनी के गारे पेलमा कोल ब्लाक की हुई जनसुनवाई को फर्जी बताकर तमनार क्षेत्र के 14 गांव के ग्रामीण लिबरा के सीएचपी चौक पर कंपनी के गेट के सामने शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे. इससे कंपनी में भारी वाहनों का परिचालन ठप हो गया था. शनिवार को दल-बल से साथ पुलिस पहुंची और आक्रोशित ग्रामीणों को समझाइश देते हुए धरना समाप्त करने कहा. इस दौरान विरोध कर रहे कुछ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया.

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इसलिए भड़के ग्रामीण

बताया जा रहा है कि इसके बाद वाहनों का परिचालन शुरू हो गया था. इसी बीच खुरूषलेंगा गांव के पास भारी वाहन की टक्कर से एक साइकिल सवार ग्रामीण घायल हो गया, जिसके बाद माहौल गर्मा गया. घटना की जानकारी मिलते ही तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम एक टीम के साथ मौके पर पहुंची, जहां ग्रामीणों ने लाठी-डंडे और लातों से उसकी पिटाई कर दी. पुलिस पर पथराव भी किया, जिससे टीआई समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.

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