बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू दास की हत्या का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, साजिश का हुआ खुलासा

ढाका
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों एक हिंदू गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू चंद्र दास की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को सरेआम जला दिया गया। इस मामले ने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींचा और तमाम जगह यूनुस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हुए। ऐसे में बांग्लादेश की पुलिस को कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा है। पुलिस ने दीपू दास मामले के मुख्य आरोपी यासीन अराफात को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया के अनुसार, यासीन अराफात पूर्व टीचर रहा है और माना जा रहा है कि उसी ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग की और फिर उसे अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, दीपू दास की हत्या के बाद, अराफात कथित तौर पर उस इलाके से भाग गया और छिप गया था। इसके बाद गुरुवार को उसकी गिरफ्तारी हुई।

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पुलिस के मुताबिक, यासीन ने ही दीपू चंद्र दास पर हुए भीड़ के हमले की साजिश रची। लोगों को इकट्ठा होने और दास को निशाना बनाने के लिए उकसाया। पिछले महीने 18 दिसंबर को बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास पर ईशनिंदा का आरोप लगा था। इसके बाद उसे फैक्ट्री से निकाल दिया गया। गुस्साई भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला और फिर एक चौराहे पर उसके शव को टांगकर सरेआम पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

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पुलिस ने यह भी बताया कि अराफात ने सिर्फ भीड़ को उकसाया ही नहीं, बल्कि खुद जाकर उसे खींचा और पेड़ से बांधकर उसमें आग लगा दी। वह उसी इलाके का रहने वाला है और एक मस्जिद में पढ़ाता था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।

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पिछले कुछ समय में दीपू चंद्र के अलावा भी कई हिंदुओं की हत्या हुई है। इसमें पांच जनवरी को मोनी चक्रवर्ती की भी हत्या शामिल है। इसके अलावा, पांच जनवरी को ही एक अखबार के एडिटर राणा प्रताप की भी अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी थी। उससे पहले, खोकन चंद्र दास को मार डाला गया था। कई दिनों तक अस्पताल में इलाज करवाने के बाद उनकी जान चली गई थी। उससे कुछ दिन पहले ही अमृत मंडल को भी भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था।

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