मिडिल-ईस्ट में तनाव चरम पर, ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का अलर्ट; इजरायल ने भी कसी कमर

ईरान
ईरान में बीते कुछ सप्ताह से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्तक्षेप करने की धमकी देकर पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। वहीं अमेरिका के किसी भी हमले को लेकर ईरान ने करारा जवाब देने की कसम खाई है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर एक और जंग की आहट साफ सुनाई देने लगी है। इस बीच इजरायल ने ईरान के साथ किसी भी जंग को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसे लेकर इजरायल के उच्च अधिकारियों के बीच बैठकों का दौर शुरू हो गया है।
 
इजरायली सेना ने सोमवार को इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि सेना संभावित रूप से किसी भी स्थिति के लिए अलर्ट पर है। IDF के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने सोमवार को पर एक बयान में कहा, “ईरान में विरोध प्रदर्शन एक आंतरिक मामला है लेकिन IDF रक्षात्मक रूप से तैयार है और नियमित रूप से स्थिति का आकलन कर रहा है।”

ये भी पढ़ें :  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आएंगे छत्तीसगढ़, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मिनट टू मिनट कार्यक्रम जारी...तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर केंद्रीय मंत्री शाह

बेंजामिन नेतन्याहू ने बुलाई बैठक
इस बीच कान पब्लिक ब्रॉडकास्टर के मुताबिक, इजरायली अधिकारियों का मानना ​​है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड हमले की अपनी धमकियों को पूरा जरूर करेंगे और इससे इजरायल और ईरान के बीच एक और युद्ध होने वाले वाला है। इसे लेकर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को पूर्व रणनीतिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर को वरिष्ठ मंत्रियों और सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक बैठक के लिए भी बुलाया था।

ये भी पढ़ें :  मित्रता का अभूतपूर्व उत्सव है भोजली : सीएम भूपेश बघेल

डोनाल्ड ट्रंप की धमकी
इससे पहले ट्रंप अब तक कई बार ईरान में हस्तक्षेप की धमकी दे चुके हैं। वाइट हाउस से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के खिलाफ संभावित कदम पर विचार कर रही है, जिनमें साइबर हमले और अमेरिका या इजरायल द्वारा सीधा सैन्य हमला शामिल है। ट्रंप ने सोमवार को कहा है कि ईरान पर हमले की उनकी चेतावनी के बाद अब ईरानी सरकार उनके साथ बातचीत करना चाहता है।

वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बातचीत के दौरान कहा है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। हालांकि, अराघची ने अपने आरोप के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा है कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा और खूनखराबा इसलिए हुआ, ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति को हस्तक्षेप करने का बहाना मिल सके। हालांकि अराघची ने यह भी कहा कि ईरान कूटनीति का स्वागत करता है।

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा की भाभी की श्रद्धांजलि सभा में हुए शामिल, दिवंगत स्व. बिमला देवी शर्मा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

ईरान में बिगड़े हालात
इस बीच ईरान में सोमवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में लाखों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। मानवाधिकार समूहों के मुताबिक हिंसा के अब तक करीब 600 लोगों की मौत हो गई है। ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित वीडियो में प्रदर्शनकारी ‘अमेरिका मुर्दाबाद’, ‘इजराइल मुर्दाबाद’ और ‘अल्लाह के दुश्मनों का अंत हो’ जैसे नारे लगाते दिखे।

Share

Leave a Comment