भोपाल
अपने बयानों के चलते हमेशा चर्चाओं में रहने वाले कांग्रेस नेता और भांडेर विधायक फूल सिंह बरैया ने एक बार फिर अपने विवादित बयान से भूचाल ला दिया है. इस बार उन्होंने ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासत के साथ-साथ समाज को भी झकझोर दिया है. विधायक बरैया का कथित बयान था कि अगर खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है और दुष्कर्म हो सकता है. बरैया यहीं नहीं रूके आगे वे एक समुदाय विशेष को लेकर कहते हैं कि फिर उन समुदायों में क्यों होता है दुष्कर्म, क्योंकि धर्म ग्रंथों में इस तरह के निर्देश दिए गए हैं. इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव का भी बयान आया है.
बरैया के विवादित बयान पर सीएम ने दी प्रतिक्रिया
सीएम मोहन यादव ने कहा, "कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपने विधायक को पार्टी से बाहर करना चाहिए. बरैया ने इस तरह का बयान देकर समाज में जहर घोलने का प्रयास किया है." हालांकि, जब राहुल गांधी इंदौर पहुंचे तो कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया उनके साथ चलते दिखाई दिए. ये पूरा बवाल फूल सिंह बरैया के उस बयान के बाद उठा है जिसमें उन्होंने कहा कि एक समुदाय विशेष के धर्म ग्रंथों में ऐसा लिखा है कि खास वर्ग की महिलाओं से दुष्कर्म करने पर तीर्थ यात्रा का फल मिलता है." उनके इस बयान के बाद पूरे प्रदेश में सियासी घमासान मचा हुआ है. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से सर्कुलेट हो रहा है.
मोहन यादव ने कहा बरैया को बाहर करें राहुल
भोपाल में यूनियन कार्बाइड कारखाने का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत की. इस दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा, "कांग्रेस के विधायक फूल सिंह बरैया ने इस तरह का बयान देकर समाज में जहर घोलने का काम किया है. राहुल गांधी के मन में अगर सभी समाजों के लिए सम्मान है, तो मैं उम्मीद करूंगा कि वे (राहुल गांधी) अपने विधायक को सस्पेंड करेंगे. उन्हें पार्टी से बाहर निकालेंगे. मैं इस बयान की निंदा करता हूं. फूल सिंह बरैया के पास एक विधायक का उत्तरदायित्व है. उन्हें इस तरह के बयानों से बचना चाहिए था."
शिवराज बोले ये शर्मनाक, बेटियां तो देवियां हैं
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के कथित बयान को केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अशोभनीय बताया है. उन्होंने कहा कि "हम बेटियों को जाति समाज में बांटकर नहीं देख सकते. हमारे यहां तो बेटियां दुर्गा लक्ष्मी का स्वरूप होती हैं. अब क्या बेटियों को भी बांटोगे? कोई भी नेता हो या अन्य कोई व्यक्ति, उसे ऐसी अशोभनीय टिप्पणी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए." शिवराज सिंह ने कहा, "ये मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद दुखद है."
बरैया के बयान पर बीजेपी ने उठाया सवाल
उधर इंदौर में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया दिखाई दिए तो उस पर बीजेपी ने सवाल उठाया कि बरैया के इस बयान से क्या राहुल गांधी की सहमति और स्वीकारोक्ति मानी जाए." बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा, "अब स्पष्ट है कि महिलाओं और एससी-एसटी समाज के प्रति दूषित, विकृत और कुंठित मानसिकता सिर्फ बरैया की नहीं, बल्कि राहुल गांधी के नेतृत्व वाली पूरी कांग्रेस की सोच है. अगर आपत्ति होती, तो मंच साझा नहीं किया जाता. शर्म आनी चाहिए कांग्रेस को और विशेषकर सोनिया गांधी व प्रियंका गांधी को, जो महिला सम्मान की बातें तो करती हैं, लेकिन अपनी ही पार्टी की अपराधी मानसिकता पर चुप हैं. यह चुप्पी अब मौन नहीं, समर्थन है. नारी देवी है, राजनीतिक औजार नहीं. अपमान बर्दाश्त नहीं. धिक्कार है ऐसी कांग्रेस पर."
'शिकायत मिलती है, तो पार्टी एक्शन लेगी'
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयान को लेकर सियासी गलियारों में बहस छिड़ गई है. एक तरफ जहां, हिंदू संगठन और बीजेपी के नेता कार्यकर्ता फूल सिंह बरैया का जमकर विरोध कर रहे हैं. माना जा रहा है कि वहीं अब कांग्रेस संगठन भी एक्शन ले सकता है. मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी संजय कामले ने कहा है कि "यह उनका व्यक्तिगत बयान है कांग्रेस इससे सहमति नहीं रखती, दुष्कर्म एक मानसिक सोच होती है. कोई जाती धर्म देखकर दुष्कर्म नहीं होता व्यक्तिगत नहीं यह अपराधी प्रवर्ती के लोग करते हैं. खूबसूरती आंखों में बसती है हर बच्चा अपने मां बाप के लिए सबसे सुंदर होता है. यदि कोई शिकायत मिलती है तो पार्टी में अनुशान समिति है जो एक्शन लेगी."


