छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: आबकारी विभाग के सब-इंस्पेक्टर पद पर नियुक्ति का आदेश रद्द

रायपुर
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के युवाओं को बड़ा झटका दिया है। राज्य सरकार ने आबकारी विभाग में उपनिरीक्षक पदों पर की जाने वाली नियुक्तियों के आदेश को रद्द करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विभागीय स्तर पर आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। हालांकि, आदेश में नियुक्ति निरस्त करने के पीछे की ठोस वजहों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे चयनित अभ्यर्थियों में असमंजस और नाराजगी का माहौल बन गया है।

तकनीकी कारणों का हवाला, लेकिन वजह स्पष्ट नहीं

ये भी पढ़ें :  तेंदूपत्ता संग्राहकों में खुशियों की लहर, छत्तीसगढ़ सरकार ने फिर शुरू की चरणपादुका योजना, 12.40 लाख वनवासियों को मिला लाभ

जारी पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2024 की चयन सूची के अनुसार अनुशंसित आबकारी उप निरीक्षक पदों पर कार्यालयीन आदेश से जारी नियुक्ति को “तकनीकी कारणों” के चलते निरस्त किया जाता है। हालांकि, इन तकनीकी कारणों की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसी वजह से चयनित उम्मीदवारों के साथ-साथ विपक्षी दल भी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

85 चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में

ये भी पढ़ें :  वरिष्ठ विधायक राजेश मूणत ने विधानसभा में उठाया स्मार्ट सिटी में गड़बड़ी का मामला,मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, गलत ढंग से काम करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2024 के माध्यम से आबकारी विभाग में कुल 85 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए साल की शुरुआत में अभ्यर्थियों के शारीरिक मापदंडों की जांच, प्रमाण पत्र सत्यापन और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया प्रस्तावित थी। लेकिन नियुक्ति आदेश निरस्त होने से अब इन सभी युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।

युवाओं में नाराजगी, सरकार से स्पष्टीकरण की मांग

ये भी पढ़ें :  10 साल की बच्ची आइईडी ब्लास्ट में घायल

नियुक्ति रद्द होने की खबर सामने आते ही चयनित अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। कई उम्मीदवारों ने सरकार से तत्काल स्पष्ट कारण बताने और जल्द समाधान निकालने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबी परीक्षा प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस तरह का फैसला न केवल मानसिक आघात पहुंचाने वाला है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय भी है। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम और संभावित स्पष्टीकरण पर टिकी हुई हैं।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment