बजट 2026: क्या बदले इनकम टैक्स स्लैब? वित्त मंत्री ने टैक्सपेयर्स को दी बड़ी राहत या सिर्फ संकेत?

नई दिल्ली
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया और इसके साथ ही उन्होंने इतिहास रच दिया। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो अब तक किसी भी वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए सबसे ज्यादा बजटों में शामिल हो गया है। बजट भाषण से पहले उन्होंने परंपरा के अनुसार कर्तव्य भवन स्थित वित्त मंत्रालय में कार्यभार संभाला और फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। अपने भाषण में वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था, सुधारों और भविष्य की विकास योजनाओं पर जोर दिया।

इनकम टैक्स स्लैब में हुआ है बदलाव?
बजट 2026 में आम करदाताओं की सबसे ज्यादा नजर इनकम टैक्स स्लैब पर टिकी हुई थी। हालांकि, इस बार वित्त मंत्री ने आयकर की दरों या स्लैब में कोई बड़ा बदलाव करने का ऐलान नहीं किया। लेकिन राहत की बात यह रही कि उन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। अब करदाता 31 मार्च तक नाममात्र शुल्क के साथ रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। माना जा रहा है कि इससे नौकरीपेशा और छोटे करदाताओं को काफी सहूलियत मिलेगी, जो तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से समय पर रिटर्न नहीं भर पाते।

ये भी पढ़ें :  दावा-मोदी को हटाना चाहता था अमेरिका, दुनियाभर के चुनावों में USAID का दखल

पुरानी टैक्स व्यवस्था
अगर पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) की बात करें, तो इसमें स्लैब पहले जैसे ही रखे गए हैं। सालाना ₹2.5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। ₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स देना होगा। ₹5 लाख से ₹10 लाख तक की आय पर 20 फीसदी टैक्स और ₹10 लाख से ऊपर की आय पर 30 फीसदी टैक्स लागू रहेगा। इस व्यवस्था में छूट और कटौतियों (जैसे HRA, 80C, 80D) का फायदा मिलता है, इसलिए कई करदाता अभी भी इसे पसंद करते हैं।

ये भी पढ़ें :  इजरायल-ईरान तनाव के बीच एयर स्पेस बंद, मुंबई से लंदन जा रहे एअर इंडिया प्लेन को लौटना पड़ा

नई टैक्स व्यवस्था
वहीं नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में ज्यादा स्लैब हैं और टैक्स दरें चरणबद्ध तरीके से बढ़ती हैं। ₹4 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है। ₹4 से ₹8 लाख तक 5 फीसदी, ₹8 से ₹12 लाख तक 10 फीसदी, ₹12 से ₹16 लाख तक 15 फीसदी, ₹16 से ₹20 लाख तक 20 फीसदी और ₹20 से ₹24 लाख तक 25 फीसदी टैक्स लगेगा। ₹24 लाख से ज्यादा आय पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा। यह व्यवस्था उन लोगों के लिए आसान मानी जाती है जो ज्यादा कटौतियों का दावा नहीं करते। कुल मिलाकर, बजट 2026 में टैक्स स्लैब भले न बदले हों, लेकिन प्रक्रियाओं को आसान बनाने की कोशिश जरूर दिखाई दी।

ये भी पढ़ें :  होर्मुज संकट पर UK की बड़ी पहल, 35 देशों की इमरजेंसी बैठक में भारत भी शामिल

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment