इस्तीफे की मांग से बौखलाई सरकार: सुधारवादी नेताओं पर शिकंजा, नोबेल विजेता नरगिस भी गिरफ्तार

ईरान  
ईरानी सुरक्षा बलों ने देश में जारी सुधारवादी आंदोलन से जुड़ी प्रमुख हस्तियों को हिरासत में लेने के लिए अभियान शुरू कर किया। सोमवार को प्रसारित खबरों में यह जानकारी सामने आई है। खबरों के मुताबिक, सुरक्षा बलों के इस कदम से दमनकारी कार्रवाई और भी तेज हो गई है। इससे पहले अधिकारियों ने हिंसा के जरिए देशव्यापी प्रदर्शनों को दबा दिया था। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए थे और हजारों अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया था। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को गिरफ्तार कर सात साल से अधिक जेल की एक अन्य सजा सुनाई गई है।

ये भी पढ़ें :  ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा, ट्रंप की 1000 मिसाइलों वाली धमकी से मचा हड़कंप

यह कदम ईरान सरकार के अशांति के खिलाफ बगावत करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को चुप कराने का प्रयास दिखाई देता है क्योंकि ईरान, अमेरिका के साथ नई परमाणु वार्ता का सामना कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो वह देश पर हमला कर सकते हैं। मीडिया में प्रसारित खबरों में ईरान की धर्मतांत्रिक व्यवस्था को बदलने की कोशिश कर रहे सुधारवादी आंदोलन के कार्यकर्ताओं के हवाले से बताया गया कि उनके कम से कम चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई सुधारवादी गुटों का प्रतिनिधित्व करने वाले सुधारवादी मोर्चे के प्रमुख अजर मंसूरी और पूर्व राजनयिक मोहसेन अमीनजादेह शामिल हैं।

ये भी पढ़ें :  Civil Service Day : आप भाग्यशाली हैं और इरादे आसमान से भी ज्यादा ऊंचे हैं... IAS अधिकारियों से बोले PM मोदी

 इब्राहिम असगरजादेह को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने 1979 में तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर धावा बोलने वाले विद्यार्थियों का नेतृत्व किया था। इन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां संभवतः जनवरी में दिए गए एक सुधारवादी बयान से जुड़ी हैं, जिसमें ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से इस्तीफा देने और देश की देखरेख के लिए एक अंतरिम शासी परिषद नियुक्त करने का आह्वान किया गया था।

ये भी पढ़ें :  Crime News : पति ने पत्नी और बेटी पर किया जानलेवा हमला, 2 साल की मासूम की हुई मौत

 

Share

Leave a Comment