बाबा गुरू घासीदास जी के बताए मार्ग पर काम कर रही हमारी सरकार – मुख्यमंत्री साय

रायपुर

गुरूदर्शन व पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली व समृद्धि का लिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय रविवार को बाबा गुरु घासीदास जी की जन्मभूमि एवं तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में आयोजित  संत समागम एवं गुरुदर्शन मेला में शामिल हुए। उन्होंने पूज्य गुरुगद्दी का दर्शन एवं पूजा – अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि के लिये कामना की।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  कहा कि बाबा गुरू घासीदास के मनखे- मनखे  एक समान का सन्देश, मानव को मानव से जोड़ने वाला और सद्भाव व समरसता बढ़ाने वाला है। बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के द्वारा गिरौदपुरी का सतत् विकास किया जा रहा है। विशाल जैतखाम निर्माण से लेकर अनेक सुविधाओं का विस्तार यहां किया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा किये गए जनसुविधा विस्तार कार्य की सराहना की और कहा कि वेबसाईट और मोबाइल एप्प से भी मेले में उपलब्ध सुविधा की जानकारी श्रद्धालु ले सकते हैं। उन्होंने इस दौरान वहां चस्पा किये गए क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन  कर जानकारी ली।

ये भी पढ़ें :  BREAKING : सीएम भूपेश बघेल का बड़ा निर्णय, अतिशीघ्र बड़े पैमाने पर शासकीय पदों पर होंगी भर्तियां

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर मुख्य मंदिर का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया। मुख्यमंत्री के हाथों स्थानीय श्रद्धालु एवं स्व सहायता समूह की महिलाएं प्रसाद ग्रहण कर उत्साहित हुए। गौरतलब है कि गिरौदपुरी में तीन दिवसीय संत समागम एवं गुरू दर्शन मेला 22 फ़रवरी से प्रारंभ होकर 24 फरवरी 2026 तक चलेगा। प्रदेश सहित देश एवं विदेश से भी सतनाम पंथ के अनुयायी यहां मेले में आए हुए हैं। 

ये भी पढ़ें :  BSP में हुआ बड़ा हादसा, तेज आवाज और धमाके के साथ वेस्ट कैचर फटने से आई आवाज़, अब तक ये मिली है जानकारी 

इस अवसर पर धर्मगुरू गुरु बालदास साहेब, सांसद मती कमलेश जांगड़े, राजिम विधायक  रोहित साहु, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर  नवीन अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक  अमरेश मिश्रा, कलेक्टर  दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक सु भावना गुप्ता,डीएफओ  गणवीर धम्मशील, पूर्व सांसद  गुहा राम अजगले, पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि वरिष्ठ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

Share

Leave a Comment