Google का बड़ा कदम: Chrome ब्राउजर में मिलेगा इनबिल्ट Gemini, ब्राउजर खुद करेगा काम

नई दिल्ली
इंटरनेट ब्राउज़िंग का तरीका धीरे-धीरे बदल रहा है. ब्राउजर में एजेंटिक फीचर्स मिल रहे हैं. Perplexity Comet हो या या OpenAI का ATLAS ब्राउजर, ये सभी एजेंटिक AI देते हैं. यानी ब्राउजर खुद ही आपका काम कर देता है।Google ने अपने ब्राउज़र Google Chrome में Google Gemini AI को भारत में रोलआउट करना शुरू कर दिया है।

इसके साथ ही यह फीचर कनाडा और न्यूज़ीलैंड के यूज़र्स को भी दिया जा रहा है. गूगल ने इस फीचर का ऐलान पहले ही कर दिया था और तब से यूजर्स को इसका इंतजार था।

क्रोम में ऐसे यूज होगा गूगल जेमिनी
अब तक Gemini का इस्तेमाल अलग ऐप या वेबसाइट के जरिए किया जाता था. लेकिन इस अपडेट के बाद यह सीधे Chrome के अंदर काम करेगा. यानी अगर आप कोई खबर पढ़ रहे हैं, किसी प्रोडक्ट के बारे में जानकारी देख रहे हैं या किसी टॉपिक पर सर्च कर रहे हैं, तो उसी पेज पर AI से सवाल पूछ सकते हैं. इसके लिए अलग से नया टैब खोलने की जरूरत नहीं होगी।

ये भी पढ़ें :  गूगल का 'जीरो डे' अलर्ट, भारतीय समेत 3.5 अरब लोगों पर मंडरा रहा संकट, ये काम करें तुरंत

साइड पैनल में जुड़ा Gemini
Chrome में यह फीचर एक साइड पैनल के रूप में दिखेगा. यूज़र इसे खोलकर Gemini से चैट कर सकते हैं. अगर कोई आर्टिकल बहुत लंबा है तो AI से उसका समरी पूछा जा सकता है।

अगर किसी वेबसाइट पर दी गई जानकारी थोड़ी मुश्किल है तो Gemini उसे आसान भाषा में समझा सकता है. उदाहरण के तौर पर अगर कोई टेक्नोलॉजी या फाइनेंस से जुड़ा आर्टिकल पढ़ रहा है, तो AI से पूछा जा सकता है कि इसका मतलब क्या है या इसका छोटा सार क्या है।

ये भी पढ़ें :  Women’s T20 World Cup 2026: Doodle से लेकर लाइव स्ट्रीमिंग तक, जानें पूरी डिटेल्स

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समझेगा कॉन्टेक्स्ट
इस फीचर की एक और खास बात यह है कि AI एक से ज्यादा टैब को भी समझ सकता है. मान लीजिए आपने किसी स्मार्टफोन या लैपटॉप के बारे में अलग-अलग वेबसाइट खोल रखी हैं।

ऐसे में Gemini उन टैब्स में दी गई जानकारी को देखकर तुलना करने में मदद कर सकता है. इससे यूज़र को अलग-अलग साइट पढ़ने में ज्यादा समय नहीं लगाना पड़ेगा।

डेस्क्टॉप यूजर्स को पहले मिलेगा ये फीचर
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फीचर अभी धीरे-धीरे रोलआउट किया जा रहा है. सबसे पहले इसे डेस्कटॉप यूज़र्स के लिए लाया गया है. यानी Windows और Mac पर Chrome इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स को यह फीचर मिलने लगा है. आने वाले समय में इसे और ज्यादा यूज़र्स तक पहुंचाया जा सकता है।

ये भी पढ़ें :  एंड्रॉयड और आईफोन यूजर ऐसे बंद करें लोकेशन ट्रैकिंग, ये है स्टेप्स

भारत को ध्यान में रखते हुए इसमें कई भाषाओं का सपोर्ट भी दिया गया है. इससे यूज़र अपनी भाषा में भी AI से सवाल पूछ सकेंगे. यानी अगर कोई हिंदी में सवाल पूछता है तो AI उसी भाषा में जवाब दे सकता है।

दरअसल पिछले कुछ समय से टेक कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स में AI को तेजी से जोड़ रही हैं. गूगल पहले ही Gemini को अपने कई प्रोडक्ट्स में ला चुका है. अब Chrome में इसका इंटीग्रेशन दिखाता है कि कंपनी चाहती है कि यूज़र्स को ब्राउज़र के अंदर ही एक AI असिस्टेंट मिल जाए, जो इंटरनेट इस्तेमाल करते समय तुरंत मदद कर सके।

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment