भारत मंडपम में छत्तीसगढ़ की जल योद्धाओं की गूंजी आवाज

रायपुर

नई दिल्ली में आयोजित अमृत मित्र महोत्सव में शामिल हुईं राज्य की 75 महिलाएं

केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अमृत मित्र महोत्सव में छत्तीसगढ़ की जल योद्धाओं ने अपनी आवाज बुलंद की। राज्य की दो महिलाओं, बिलासपुर नगर निगम की मती रुक्मिणी गोस्वामी और लोरमी की मती हेमलता खत्री ने केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री  मनोहर लाल की मौजूदगी में देशभर की 1000 अमृत मित्रों के साथ अपने कार्यों के अनुभव साझा किए।

नई दिल्ली में आयोजित अमृत मित्र महोत्सव में शामिल हुईं राज्य की 75 महिलाएं

केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT 2.0) के तहत शहरी जल प्रबंधन एवं सतत विकास में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करने इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसमें छत्तीसगढ़ की 75 “अमृत मित्र” महिलाओं ने भागीदारी की। ये महिलाएं राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में वृक्षारोपण, जल गुणवत्ता परीक्षण, जल संरचना संचालन तथा सामुदायिक जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव ने विगत 11 मार्च को रायपुर रेलवे स्टेशन में हरी झंडी दिखाकर महिलाओं के इस दल को नई दिल्ली के लिए रवाना किया था। 

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“अमृत मित्र महोत्सव” में भागीदारी करने वाली स्वसहायता समूहों की ये महिलाएँ 'वीमेन फॉर ट्री' अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण, हरित क्षेत्रों के संरक्षण तथा पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। छत्तीसगढ़ की ये “अमृत मित्र” महिलाएँ अपने-अपने शहरों में तकनीकी और सामुदायिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा रही हैं। घरों तक सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने जल गुणवत्ता के परीक्षण, जल उपचार संयंत्रों (WTP) और वितरण नेटवर्कों के संचालन तथा रखरखाव में सहयोग के साथ ही जल संरक्षण तथा “कचरे से कंचन” जैसे अभियानों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करने का महत्वपूर्ण काम ये महिलाएं कर रही हैं।

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देशभर के स्वसहायता समूहों के सर्वोत्तम अनुभवों और नवाचारों को साझा करने के इस राष्ट्रीय मंच को छत्तीसगढ़ की दो अमृत मित्रों ने भी साझा किया। बिलासपुर की मती रुक्मिणी गोस्वामी ने महोत्सव में कहा कि हम केवल पौधे ही नहीं लगा रहे हैं, बल्कि अपने शहरों के पर्यावरण और भविष्य को सुरक्षित बनाने का काम भी कर रहे हैं। इस पहल से हमें आजीविका का अवसर भी मिला है जिससे हम अपने परिवार की आय में योगदान दे पा रहे हैं।

वहीं लोरमी की मती हेमलता खत्री ने राष्ट्रीय मंच पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जल संरक्षण के लिए वृहद पैमाने पर हम लोग वृक्षारोपण करने के साथ ही अपने बच्चे की तरह पौधों की देखभाल और रक्षा कर रहे हैं। इन पौधों को बढ़ते हुए देखकर हमें बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती है। 

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"अमृत मित्र महोत्सव के लिए चयनित महिलाओं को बहुत-बहुत बधाई… नई दिल्ली के भारत मंडपम जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की महिलाओं द्वारा अपने कार्यों और अनुभवों को प्रस्तुत करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। 'वीमेन फॉर ट्री – अमृत मित्र योजना' से महिला समूहों को वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आजीविका का भी अवसर मिल रहा है। इस पहल से उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। रोजगार के साथ पर्यावरण संरक्षण के कार्य में योगदान देने का संतोष भी प्राप्त हो रहा है।" – उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव

 

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