योगी सरकार ने विशेष अभियान चलाकर तीन माह में बनाए करीब 18 लाख नए आयुष्मान कार्ड

लखनऊ

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत छूटे पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड का लाभ देने के लिए योगी सरकार प्रदेश भर में विशेष अभियान चला जा रही है। अभियान की शुरुआत बीते साल 25 नवंबर को हुई। यह 25 दिसंबर, 2025 तक चला। इस दौरान 5 लाख 52 हजार से अधिक कार्ड बनाए गए। अभियान की सफलता को देखते हुए इस साल 15 जनवरी से दोबारा विशेष अभियान शुरू किया गया, जो वर्तमान में चल रहा है। विशेष अभियान की अवधि में अब तक 17 लाख 94 हजार से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं। अभियान के दौरान विशेष रूप से आशा कार्यकताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सहायिकाओं के साथ उनके परिवार के कार्ड बनाए जा रहे हैं। अभियान के दौरान सबसे अधिक बरेली में कार्ड बनाए गए। इससे बरेली कार्ड बनाने में पूरे प्रदेश में पहले, जौनपुर दूसरे और आगरा तीसरे स्थान पर हैं।  

70 वर्ष या अधिक आयु के करीब 25 लाख 70 हजार बुजुर्गों के कार्ड बनाए गए  

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साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड बनाने वाला राज्य बन चुका है। योजना के तहत प्रदेश में अब तक लगभग 5.64 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे करोड़ों परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित वय वंदना योजना के तहत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के करीब 25 लाख 70 हजार बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। 

उन्होंने बताया कि योगी सरकार वंचित पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए प्रदेश भर में विशेष अभियान चला जा रही है। यह अभियान पहले 25 नवंबर से 25 दिसंबर, 2025 तक संचालित किया गया। अभियान की सफलता को देखते हुए इसे इस साल 15 जनवरी से 15 अप्रैल तक विस्तारित किया गया है। अभियान के तहत 12 मार्च तक 17 लाख 94 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। अभियान को स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से संचालित किया जा रहा है। ग्राम स्तर पर स्वयंसेवकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के माध्यम से पात्र परिवारों तक पहुंच बनाकर उनका सत्यापन किया गया और मौके पर ही आयुष्मान कार्ड बनाए गए। अभियान के दौरान सबसे अधिक बरेली ने 1,12,855 कार्ड बनाकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह जौनपुर 83,042 कार्ड बनाकर दूसरे, आगरा 76,702 कार्ड बनाकर तीसरे स्थान पर है जबकि प्रयागराज 74,252 कार्ड बनाकर चौथे और आजमगढ़ 70,266 कार्ड बनाकर पांचवे स्थान पर है। 

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1.51 लाख आंगनबाड़ी सहायिकाओं और उनके परिवार के बनाए गए कार्ड

साचीज की एसीईओ डॉ. पूजा यादव ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आंगनबाड़ी सहायिकाओं तथा उनके परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 4.28 लाख आशा कार्यकर्ता और उनके परिवार के सदस्य योजना के दायरे में आते हैं। इनमें से 12 मार्च तक करीब 3.24 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। अभी लगभग 1.03 लाख लोगों के कार्ड बनना शेष है। इस दौरान सबसे अधिक कुशीनगर में 6,620 कार्ड बनाए गए। इसी प्रकार लगभग 2.17 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और उनके परिवारों में से 1.53 लाख के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 64 हजार लाभार्थियों के कार्ड बनने बाकी हैं। इस दौरान सबसे अधिक अंबेडकरनगर में 3,176 कार्ड बनाए गए। वहीं 2.32 लाख आंगनबाड़ी सहायिकाओं और उनके परिवारों में से लगभग 1.51 लाख लोगों के कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जबकि करीब 81 हजार लोगों के कार्ड बनना अभी शेष है। इस दौरान सबसे अधिक अंबेडकरनगर में 3,077 कार्ड बनाए गए। वहीं जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित निर्धन परिवार के सदस्यों का भी आयुष्मान कार्ड बनाया गया। इसमें सबसे अधिक वाराणसी में कार्ड बनाए गए। इसके बाद हापुड़, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में कार्ड बनाए गए।

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