छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल — देशभर के टूर ऑपरेटरों ने देखी छत्तीसगढ़ की अनोखी झलक

रायपुर

विभिन्न राज्यों से आए टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंट्स ने बस्तर, मैनपाट और जशपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया

छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार और राज्य की प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा आयोजित फेम (FAM) ट्रिप के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों से आए टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंट्स ने बस्तर, मैनपाट और जशपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर को करीब से देखा और उसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की।
फेम ट्रिप के दौरान प्रतिनिधियों को बस्तर जिले के विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया साथ ही बोटिंग भी कराई गई, जिसने उनके अनुभव को और रोमांचक बना दिया। इसके साथ ही प्रतिनिधियों ने चित्रकोट स्थित प्राचीन शिव मंदिर के दर्शन भी किए।
बस्तर की जीवंत लोक संस्कृति से परिचित कराने के लिए प्रतिनिधियों को यहां के प्रसिद्ध हाट-बाजार भी ले जाया गया, जहां उन्होंने पारंपरिक मुर्गा लड़ाई जैसे स्थानीय सांस्कृतिक आयोजनों को देखा और बस्तर की विशिष्ट जनजातीय परंपराओं को समझा।
इस भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों को ऐतिहासिक नगरी बारसूर भी ले जाया गया, जहां उन्होंने प्रसिद्ध बत्तीसा मंदिर और भगवान गणेश की अद्भुत एवं प्राचीन मूर्तियों का अवलोकन किया। इन ऐतिहासिक धरोहरों ने प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया।

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फेम ट्रिप के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर संभाग के प्रशासनिक अधिकारियों से भी मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने बस्तर के कमिश्नर, आईजी और एसपी से भेंट कर क्षेत्र में पर्यटन विकास, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटन सुविधाओं पर चर्चा की। अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि बस्तर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
इसी क्रम में प्रतिनिधियों को मैनपाट के खूबसूरत पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कराया गया। यहां उन्होंने करमा एथेनिक रिजॉर्ट और सैला रिसोर्ट का दौरा किया तथा मैनपाट की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण का अनुभव किया।
इसके अलावा प्रतिनिधियों को कुनकुरी स्थित गिरजाघर, जशपुर का राजपुरी जलप्रपात तथा केरे विलेज जशपुर में स्थित महुआ होमस्टे जैसे आकर्षक पर्यटन स्थलों से भी परिचित कराया गया। इन स्थलों ने छत्तीसगढ़ के इको-टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं को उजागर किया।

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छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा आयोजित यह फेम ट्रिप 13 मार्च से 18 मार्च तक आयोजित की जा रही है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 28 टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंट्स शामिल हैं। इन प्रतिनिधियों को दो समूहों में विभाजित कर राज्य के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है।
इस पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार और पर्यटन बोर्ड का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के टूर ऑपरेटरों को राज्य की पर्यटन संभावनाओं से सीधे परिचित कराना है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार कर सकें।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड राज्य के पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष  नीलू शर्मा तथा प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य के नेतृत्व में राज्य में पर्यटन सुविधाओं के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए कई नवाचार किए जा रहे हैं।
इस फेम ट्रिप से जुड़े प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और यहां के लोगों के आत्मीय आतिथ्य की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और वे अपने-अपने राज्यों में छत्तीसगढ़ को एक आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में बढ़ावा देंगे।

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फेम ट्रिप का समापन 18 मार्च को रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के साथ होगा, जहां दोनों समूहों के प्रतिनिधि एकत्रित होंगे और छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की ओर से राज्य की पर्यटन संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी जाएगी। इस पहल से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

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