राजस्थान में तूफानी बारिश और आंधी का कहर, जयपुर में दो की मौत और फसलों को भारी नुकसान

जयपुर
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से शुक्रवार देर शाम को राजस्थान के कई इलाकों में जबरदस्त तूफान और बारिश देखने को मिली। खास तौर पर पूर्वी राजस्थान के भरतपुर से दौसा तक की बेस्ट में आंधी के साथ तेज बारिश आई। यहां अभी गेहूं की फसलों की कटाई चल रही है और बारिश के चलते किसानों को जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं की चमक खत्म होने के साथ ही पशुओं के लिए चारा भी खराब हो रहा है।  वहीं मंडियों में खुले में रखी गेहूं और सरसों की उपज भी भीग गई।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि का असर 4 अप्रैल को भी जारी रह सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को 10 से ज्यादा जिलों में तूफानी बारिश हुई, जबकि बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर में ओलावृष्टि दर्ज की गई।

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राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम आए तेज अंधड़ और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। जवाहर नगर में एक व्यक्ति पर बिजली का पोल गिरने से उसकी जान चली गई, वहीं जवाहर सर्किल इलाके में तेज हवा के कारण पत्थर गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेश के तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन में हल्की ठंडक महसूस की गई।

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आज इन जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 4 अप्रैल को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना है। 5 और 6 अप्रैल को गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 7 अप्रैल से एक नया मजबूत सिस्टम फिर सक्रिय हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मार्च के बाद भी लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बने हुए हैं, जो सामान्य से अलग स्थिति है। इसका सीधा असर मौसम के पैटर्न और कृषि पर पड़ा है। पिछले 24 घंटे में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, जैसलमेर, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, बाड़मेर, जोधपुर, जालोर, जयपुर, अजमेर, अलवर और टोंक सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। अजमेर में सबसे अधिक 17.6 मिमी वर्षा हुई, जबकि हनुमानगढ़ में 11.5 और झुंझुनूं में 12.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।

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तापमान में गिरावट के बीच शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ और अलवर में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो दिन का सबसे अधिक रहा। कुल मिलाकर प्रदेश में मौसम का यह बदला मिजाज फिलहाल कुछ दिन और जारी रहने के आसार हैं।

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