Google में बड़ा बदलाव: अब वेबसाइट खुलेगी सिर्फ QR कोड स्कैन करने पर

नई दिल्ली

इंटरनेट इस्तेमाल करते समय आपने कई बार “I’m Not a Robot” वाला Captcha जरूर देखा होगा। यह सिस्टम वेबसाइट्स को बॉट्स और फर्जी ट्रैफिक से बचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अब Google इस पुराने सिस्टम को बदलने की तैयारी में है। गूगल एक नया QR Code बेस्ड ह्यूमन वेरिफिकेशन सिस्टम टेस्ट कर रही है, जिसमें यूजर्स को वेबसाइट इस्तेमाल करने से पहले अपने फोन को लिंक करना पड़ सकता है। इस नए सिस्टम में यूजर को वेबसाइट पर दिख रहे QR Code को अपने स्मार्टफोन से स्कैन करना होगा। इसके बाद फोन के जरिए यह पुष्टि की जाएगी कि वेबसाइट इस्तेमाल करने वाला इंसान है या कोई बॉट। आज के समय में AI और ऑटोमेटेड बॉट्स पहले से ज्यादा स्मार्ट हो चुके हैं।

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यही वजह है कि Google अब नया तरीका तलाश रहा है जिससे असली यूजर्स और बॉट्स के बीच फर्क करना आसान हो सके। फिलहाल यह फीचर शुरुआती चरण में बताया जा रहा है और Google ने आधिकारिक तौर पर इसकी पूरी जानकारी शेयर नहीं की है। आने वाले समय में कंपनी इसे कुछ वेबसाइट्स और सेवाओं पर टेस्ट कर सकती है। अगर यह फीचर सफल रहता है, तो इंटरनेट इस्तेमाल करने का तरीका आने वाले वर्षों में काफी बदल सकता है।
Google का नया QR Code Verification सिस्टम

गूगल ऐसा सिस्टम विकसित कर रहा है जिसमें वेबसाइट खोलने पर यूजर को QR Code दिखाई देगा। यूजर को यह QR Code अपने स्मार्टफोन से स्कैन करना होगा। इसके बाद फोन के जरिए वेबसाइट को यह सिग्नल मिलेगा कि सामने असली इंसान है, कोई ऑटोमेटेड बॉट नहीं। यह सिस्टम मौजूदा Captcha की जगह ले सकता है। अभी ज्यादातर वेबसाइट्स पर तस्वीर पहचानना, ट्रैफिक लाइट चुनना या टेक्स्ट टाइप करना पड़ता है। लेकिन नए सिस्टम में यह प्रक्रिया काफी अलग हो सकती है।
Google क्यों बदलना चाहता है Google Captcha सिस्टम

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गूगल लंबे समय से reCAPTCHA सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है। शुरुआत में यह काफी असरदार माना जाता था, लेकिन अब AI तकनीक इतनी आगे बढ़ चुकी है कि कई बॉट्स Captcha टेस्ट को आसानी से पास कर लेते हैं। गूगल का मानना है कि फोन लिंक्ड वेरिफिकेशन ज्यादा सुरक्षित हो सकता है क्योंकि इसमें असली डिवाइस और यूजर की पहचान को ट्रैक करना आसान होगा। इससे फर्जी अकाउंट, स्पैम और बॉट एक्टिविटी को कम करने में मदद मिल सकती है।
ऐसे काम करेगा यह नया फीचर

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक यूजर जब किसी वेबसाइट पर जाएगा तो वहां QR Code दिखाई देगा। इसके बाद यूजर अपने फोन से QR Code स्कैन करेगा। स्कैन करने के बाद फोन एक तरह का डिजिटल सिग्नल वेबसाइट को भेजेगा, जिससे यह पुष्टि होगी कि सामने असली यूजर मौजूद है।
प्राइवेसी को लेकर उठ रहे सवाल

Google के इस नए सिस्टम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा प्राइवेसी पर हो रही है। कई लोगों का कहना है कि अगर हर वेबसाइट के साथ फोन लिंक किया जाएगा, तो यूजर की ऑनलाइन एक्टिविटी को ज्यादा आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा।

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