मिट्टी से रची पहचान: युवा कलाकार उत्तम साहू ने OSOA में बिखेरा छत्तीसगढ़ी कला का जादू

रायपुर.

रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि युवा कलाकार उत्तम साहू का चयन राष्ट्रीय सांस्कृतिक पहल “वन स्टेट वन आर्टिस्ट (OSOA)” के लिए किया गया, जहां उन्होंने हिमाचल प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध टेराकोटा कला का प्रतिनिधित्व किया.

1 से 9 मई 2026 तक नशाला, हिमाचल प्रदेश में आयोजित इस विशेष पहल में देशभर के विभिन्न राज्यों से चयनित 38 युवा लोक और पारंपरिक कलाकारों ने भाग लिया. इस पहल का उद्देश्य भारत की पारंपरिक और लोक कला विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करना था. उत्तम साहू ने रायपुर की सांस्कृतिक पहचान मानी जाने वाली टेराकोटा कला को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला परंपरा को देशभर के कलाकारों और दर्शकों तक पहुंचाया. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों के साथ कोलेबोरेटिव आर्टवर्कस तैयार किए और कला कार्यशालाओं, सांस्कृतिक संवाद और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाई.  

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लोक कला ढोकरा का प्रदर्शन 
इस राष्ट्रीय पहल में छत्तीसगढ़ से अन्य युवा कलाकारों का भी चयन हुआ, जिनमें सुरेंद्र सोनी ने प्रसिद्ध लोक कला ढोकरा का प्रतिनिधित्व किया. युवा आर्टिस्ट प्रकाश गर्ग द्वारा परिकल्पित OSOA का उद्देश्य भारत की लोक कला परंपराओं को युवाओं के माध्यम से नई पहचान देना और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को एक साझा राष्ट्रीय मंच पर लाना है.

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पूर्ण रूप से प्रायोजित इस पहल ने युवा कलाकारों को अपनी लोक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने, अन्य राज्यों की कला शैलियों को समझने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अनुभव प्राप्त करने का अवसर दिया. उत्तम साहू का यह चयन और प्रतिनिधित्व रायपुर एवं छत्तीसगढ़ की लोक कला परंपरा के लिए गर्व का विषय है. यह दर्शाता है कि राज्य के युवा कलाकार आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं.

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