मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से अल्पसंख्यक परिवारों को मिला सम्मान और सहारा

लखनऊ

 योगी सरकार सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को जमीन पर उतारने में लगातार जुटी हुई है। सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी जाति और धर्म के भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है। खासतौर पर अल्पसंख्यक समाज के हजारों परिवारों को इस योजना से राहत और सम्मान मिला है।

प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक अल्पसंख्यक वर्ग के 52,134 जोड़ों का विवाह इस योजना के तहत संपन्न कराया जा चुका है। सरकार की इस पहल ने उन परिवारों की चिंता कम की है जो बेटियों की शादी के खर्च को लेकर वर्षों तक परेशान रहते थे। योगी सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता और सामाजिक सहयोग ने गरीब परिवारों को नई उम्मीद दी है।

ये भी पढ़ें :  सीएम योगी करेंगे ‘वन एवं अर्थव्यवस्थाएं’ विषयक राष्ट्रीय वानिकी संवाद का उद्घाटन

सामाजिक समरसता का बना मजबूत माध्यम

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और समानता का भी बड़ा संदेश दे रही है। कार्यक्रमों में सभी धर्मों और समुदायों के जोड़ों का एक साथ विवाह कराना समाज में भाईचारे और सौहार्द की भावना को मजबूत करता है।

सम्मान के साथ बेटियों की नई जिंदगी की शुरुआत

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शादी जैसे बड़े आयोजन में गरीब परिवारों को अक्सर कर्ज और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता था, लेकिन मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने इस समस्या को काफी हद तक कम किया है। योजना के तहत सरकार द्वारा आर्थिक सहायता, गृहस्थी का सामान और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, जिससे नवविवाहित जोड़ों को नई जिंदगी शुरू करने में मदद मिलती है। सरकार की इस पहल से अल्पसंख्यक समाज की बेटियों को भी सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर मिल रहा है। कई परिवारों ने इसे गरीबों और जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत बताया है।

ये भी पढ़ें :  ‘दहशत का खात्मा’ : 1 लाख का इनामी बदमाश एनकाउंटर में ढेर, सिर काटकर की थी हत्या

विकास की राजनीति से मजबूत हो रहा भरोसा

योगी सरकार लगातार यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि प्रदेश में विकास और कल्याणकारी योजनाओं का आधार जाति या धर्म नहीं, बल्कि जरूरत और पात्रता है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसका बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। योगी सरकार का मानना है कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने से ही प्रदेश का समग्र विकास संभव है। यही वजह है कि अल्पसंख्यक समाज सहित सभी वर्गों में सरकार की योजनाओं को लेकर भरोसा बढ़ा है।

ये भी पढ़ें :  प्रेमानंद महाराज का बड़ा संदेश: गलती और पाप में क्या है सबसे बड़ा अंतर? जानिए प्रायश्चित का सही तरीका

सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसका सशक्त उदाहरण है, जिसमें पात्रता के आधार पर लाभ दिया जा रहा है। यह योजना सामाजिक समरसता को मजबूत करते हुए जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।

9 साल में अल्संख्यक वर्ग के 52,134 जोड़ों की शादियां हुईं

2017-18    में 1635
2018-19    में 4973
2019-20   में 6040
2020-21   में 1878
2021-22    में 5160
2022-23   में 8096
2023-24   में 8535
2024-25   में 9381
2025-26   में 6436

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment