मंडियों में धान की रिकॉर्डतोड़ आवक, पिछले साल के आंकड़े हुए ध्वस्त

राजनांदगांव.

कृषि उपज मंडी बसंतपुर में रबि सीजन के धान की बंफर आवक होने लगी है। जिसके चलते शेड में पैर रखने की जगह नही है। ऐसे में किसानों को शेड के बाहर खुले परिसर में धान पाला करना पड़ रहा है और वे रतजगा करने को मजबूर है। रोजाना 16 हजार कट्टा धान की आवक होने लगी है।

इस साल रबि सीजन के आवक ने प्रशासन के दावों की भी पोल खोल दी है, जहां वे धान का कम रकबा बता रहे थे। लेकिन यहां पिछले साल से ज्यादा धान की आवक होने लगी है। जानकारी अनुसार पिछले साल अप्रैल और मई तक जहां 3 लाख 86392 क्विंटल धान की आवक दर्ज की गई थी, लेकिन इस बार धान के उत्पादन में इजाफा होकर इस साल 4 लाख 9363 क्विंटल धान की आवक हुई है। मंडी प्रशासन की माने तो नए धान में महापाया की आवक तेजी से होने लगी है। जिसके चलते पोहा मिल के लिए इसकी डिमांड बनी हुई है। इसके आलावा आई आर धान की आवक बनी हुई है। इसके आलावा कठानी आवक में सोयाबीन, चना देशी, गेंहू, मसूर, राहर, धनिया, सरसो व कुसुमबीज की आवक हो रही है।

ये भी पढ़ें :  Chhattisgarh News : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने माता हिंगलाजिन की पूजा कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की

महामाया धान 21 सौ क्विंटल में बिका
इस सीजन में महामाया व आईआर धान अधिकतम 21 सौ रूपए क्विंटल तक बिका है। हालांकि, लगातार बारिश के चलते शेड में जगह नही मिलने के कारण किसानों को नुकसान का भी सामना करना पड रहा है। शेड के बाहर धान रखने होने से उपज भीगने के चलते व्यापारी 12 से 14 सौ रुपए तक बोली लगा रहे है। इससे किसानों को नुकसान भी हो रहा है। मंडी प्रशासन द्वारा बोली के बाद व्यापारियों से तत्काल धान उठाव नही कराया जा रहा है। जिसके कारण उन्हें शेड में जगह नही मिल रही है।

ये भी पढ़ें :  Chhattisgarh : मितान योजना के तहत अब घर बैठे बनवा सकेंगे राशन-कार्ड, बस करना होगा ये एक काम

उठाव में देरी से बढ़ी परेशानी
मंडी के शेड में बोली लगने के कारण व्यापारी धान का उठाव तत्काल नही कर रहे है। जिससे किसान परेशान हो गए है। जबकि नियमतः बोली लगने के बाद धान उठाव करने की जिम्मेदारी व्यपारियों की हैं, ताकि अन्य किसानों की उपज की बोली समय पर लग सके। लेकिन इस पर मंडी प्रशासन की मानिटरिंग नही होने से व्यापारियों ने शेड पर कब्जा जमा लिया है। इस मामले में मंडी सचिव पंचराम वर्मा का कहना है कि व्यापारियों को जल्द से जल्द धान उठाव करने कहा गया है।

Share

Leave a Comment