लखनऊ
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया था कि उनकी सरकार आई तो अयोध्या को धार्मिक सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। अखिलेश के इसी दावे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार की तीखा हमला किया। सीएम योगी ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अयोध्या की पहचान बन चुकी है। अगर हिम्मत है तो यही बात मथुरा के लिए बोलकर दिखाइए। यह बोलकर दिखाइए कि जैसे अयोध्या के लिए श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन चला उसी तरह श्रीकृष्ण मुक्ति के लिए आंदोलन चलना चाहिए।
सीएम योगी हाथरस में करोड़ों की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कल अखिलेश यादव का एक बयान पढ़ रहा था। वह कह रहे थे कि उनकी सरकार आएगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे, रामभक्तों पर गोली तो समाजवादी पार्टी की ही सरकार ने चलवाई थी। राम भक्तों की मेहनत से अब जब अयोध्या त्रेता युग का स्मरण करा रही है तो आपके मुंह में भी पानी आने लगा है।
अयोध्या के लिए पश्चाताप, रामलला का जाकर दर्शन कीजिए
योगी ने कहा कि अखिलेश जी अयोध्या को तो रामभक्तों ने सजा औऱ संवार दिया है। आप उसकी चिंता मत कीजिए, पश्चाताप कीजिए। एक बार कम से कम रामलला का दर्शन कर लीजिए, उसी से सद्बुद्धि आएगी। अब तैयारी कीजिए कि हम कृष्ण कन्हैया के लिए भी कुछ कर सकें। अब मथुरा की बात कीजिए। अगर सचमुच अपने को धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हैं तो मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोल दीजिए। अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि यह बोलकर दिखाइए कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण की भूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए।
मुल्ला-मौलवियों के आगे घुटने टेकने का ही एजेंडा
सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम कर रही है। युद्धस्तर पर हम प्रयास कर रहे हैं लेकिन आप में हिम्मत नहीं है क्योंकि आप पर मुल्ला और मौलवियों के सामने घुटने टेकने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है जिससे प्रदेश का विकास हो सके। कोई ऐसा एजेंडा नहीं है जिससे अयोध्या, मथुरा या काशी का उत्थान हो और उनकी पौराणिक पहचान स्थापित हो।
कब्रिस्तान के पैसों को मंदिरों की ओर डायवर्ट किया
कहा कि आंखों में धूल झोंकने का प्रयास मत कीजिए। अयोध्या पहचान की मोहताज नहीं है, अयोध्या ने दुनिया के सामने अपनी पहचान को बनाया हुआ है। आपने तो थानों में और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर भी रोक लगा दी थी। कांवर यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। समाजवादी सरकार में पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री की तरफ जाता था, हमने उसे मंदिरों की तरफ डायवर्ट किया है।
अखिलेश ने क्या कहा था
अखिलेश यादव ने शनिवार को अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की चर्चा करते हुए कहा था कि हम धर्मनिष्ठता और सत्यनिष्ठता के साथ ये संकल्प लेते हैं कि नई सरकार बनाकर ‘अयोध्या’ को एक ऐसी अनुपम-अनुकरणीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेंगे, जहां विश्व भर से आए श्रद्धालु सच्ची आध्यात्मिकता की अद्वितीय अनुभूति करेंगे।
अखिलेश ने एक्स पर लिखा था कि प्रभु के आशीर्वाद के साथ, हम अयोध्या के सनातन मान को आस्था-श्रद्धा, अखंड विश्वास और सच्ची भावना के ‘सियाराम-धाम’ के रूप में पुनर्स्थापित और पल्लवित करेंगे। इससे अयोध्यावासियों के भी परंपरागत गौरवभान और अधिकारों को पुन: स्थापित करेंगे।


