ब्राजील के साओ पाउलो में पहले ही दिन मेजबान खिलाड़ी को हराकर दिलाया भारत को पहला पदक, एलए 2028 पैरालम्पिक क्वालिफिकेशन अभियान को मिली मजबूत शुरुआत

साओ पाउलो (ब्राजील)

ब्राजील के साओ पाउलो में 7 से 12 जुलाई 2026 तक आयोजित आईबीएसए (IBSA) जूडो ग्रैंड प्री में भारतीय पैरा जूडो टीम ने शानदार शुरुआत की है। प्रतियोगिता के पहले ही दिन भारत की पैरा जूडो खिलाड़ी कोकिला ने कांस्य पदक जीतकर देश को पहला पदक दिलाया।

यह प्रतियोगिता लॉस एंजिल्स 2028 पैरालम्पिक खेलों के लिए पहला आधिकारिक क्वालिफिकेशन इवेंट है। ऐसे में कोकिला की यह उपलब्धि भारत के पैरालम्पिक अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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कोकिला ने कांस्य पदक मुकाबले में मेजबान देश ब्राजील की खिलाड़ी को हराकर अपनी प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्ट तकनीकी कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ उन्होंने विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान को और सुदृढ़ किया है।

वर्तमान में कोकिला अपने वजन वर्ग में विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर हैं, जबकि एशिया की नंबर-1 पैरा जूडो खिलाड़ी हैं। उनका यह प्रदर्शन भारतीय पैरा जूडो के बढ़ते स्तर और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का प्रमाण है।

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इस सफलता पर इंडियन ब्लाइंड एंड पैरा जूडो एसोसिएशन (IBPJA) ने कोकिला को बधाई देते हुए इसे भारतीय पैरा जूडो के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। एसोसिएशन ने प्रतियोगिता में भाग ले रहे भारतीय टीम के अन्य खिलाड़ियों को भी आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

ब्राजील से भारतीय टीम के कोच मुनव्वर अंज़ार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि यह पदक खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय टीम आने वाले मुकाबलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश के लिए और पदक जीतेगी तथा लॉस एंजिल्स 2028 पैरालम्पिक के क्वालिफिकेशन अभियान को और मजबूत बनाएगी।

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