क्वेटा
बलूचिस्तान के अलगाववादी नेता मीर यार बलोच ने फिर से पाकिस्तान को अल्टीमेटम दिया है। साथ ही मीर यार ने मांग की है कि पाकिस्तान की पूरी सेना और सुरक्षा बलों को इस क्षेत्र से हटा दिया जाए। इसके अलावा उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह बलूचिस्तान को एक स्वतंत्र देश के तौर पर पहचान दें। एक्स पर जारी इस बयान में बलोच नेता ने यह भी कहाकि पाकिस्तानी सेना गैरकानूनी ढंग से इस क्षेत्र में जमी हुई है। साथ ही यहां के नैचुरल रिसोर्सेज के दोहन का भी आरोप लगाया है। बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना, यहां रुककर कानून का उल्लंघन कर रही है और बंदूक की नोक पर यहां के खनिज लूट रही है।
अपने हथियार वगैरह छोड़ दें
इसमें कहा गया कि पाकिस्तान की सेना की मौजूदगी बलूचिस्तान के निवासियों के जीवन, संपत्ति और व्यवसायों के लिए खतरा है। बयान में यह भी जोड़ा गया कि बलूचिस्तान, पाकिस्तान की सेना को एक आक्रामक ताकत के रूप में देखता है। साथ ही इसकी मौजूदगी को क्षेत्र के ‘आव्रजन कानूनों’ का उल्लंघन बताता है। इसने आगे कहा गया कि पाकिस्तानी सेना, बलूचिस्तान छोड़ने से पहले अपने हथियार और दूसरे सैन्य उपकरण यहीं पर छोड़ दें। इन उपकरणों में, युद्धपोत, हेलिकॉप्टर, टैंक, भारी तोपखाना, नौसैनिक जहाज आदि शामिल हैं। इसमें तर्क दिया गया है कि यह सारा सामान, बलूचिस्तान के संसाधनों से खरीदा गया है। इसलिए से बलूचिस्तान में ही रहना चाहिए।
1971 युद्ध का हवाला
बलोच नेता ने कहाकि जैसे 1947 में ब्रिटेन ने भारत छोड़ते समय सभी सैन्य हथियार और युद्ध का सामान भारत को सौंप दिया और खाली हाथ ब्रिटेन लौट गया। जैसे 1971 में बांग्लादेश में युद्ध हारने के बाद पाकिस्तान ने वहां की नेवी, वायु और थल सेना और युद्ध का सामान बांग्लादेश की सेनाओं को सौंप दिया। ठीक उसी तरह अब पाकिस्तान की कब्ज़ा करने वाली सेनाओं को स्पष्ट रूप से बलूचिस्तान से अपनी वापसी की तारीख और समय-सीमा घोषित करनी चाहिए। उन्हें बलूचिस्तान छोड़ते समय एक भी गोली ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

अलगाववादी नेता द्वारा जारी बयान के मुताबिक पाकिस्तान पहले ही बलूचिस्तान में युद्ध हार चुका है। हालांकि उन्होंने कोई सबूत पेश नहीं किया। बलोच ने स्थिति की तुलना 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के घटनाओं से की और पाकिस्तान पर बलूचिस्तान में बड़े पैमाने पर हत्याओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहाकि बलूचिस्तान के लोग अपना बदला नहीं भूलते।
यह भी पाकिस्तान के हित में होगा
बयान में, बलोच ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूचिस्तान को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की मांग की। साथ ही पाकिस्तानी सेनाओं की वापसी को सुगम बनाने के लिए इमरजेंसी एग्जिट की बात कही। इसके अलावा सेना, फ्रंटियर कोर, पुलिस और अन्य संस्थानों में काम कर रहे गैर-बलोच पाकिस्तानी नागरिकों से भी क्षेत्र छोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने पाकिस्तान से भी आग्रह किया कि बलूचिस्तान को एक आजाद देश के रूप में मान्यता दे साथ ही यह भी कहाकि ऐसा करना पाकिस्तान के अपने हित में होगा।
