उपभोक्ताओं को अनचाहे लिंक संदेशों से बचाने की ट्राई की पहल, 01 अक्टूबर से मैसेज में अनचाहे और गलत लिंक पर रोक

नई दिल्ली
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) 1 अक्टूबर से फोन मैसेज में यूआरएल से संबंधित अपने निर्देशों को लागू करने जा रहा है। इसका मतलब है कि अब मैसेज में केवल अनुमति प्राप्त प्रेषक ही यूआरएल, एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट), या ओटीटी (ओवर द टॉप) लिंक भेज पायेंगे।

ट्राई की इस पहल का उद्देश्य सुरक्षित संचार प्रणाली को बढ़ावा देना है ताकि उपभोक्ताओं को गलत और अनचाहे लिंक संदेशों से बचाया जा सके। ट्राई ने 20 अगस्त को सभी एक्सेस प्रदाताओं को श्वेत सूची के बाहर यूआरएल, एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट) या ओटीटी (ओवर द टॉप) लिंक वाले किसी भी ट्रैफ़िक को ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया था।

ये भी पढ़ें :  Assembly Election Dates 2023 : 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान, 3 दिसंबर को आएंगे नतीजे, देखिए कौन से राज्य में किस तारीख को चुनाव?

ट्राई ने ट्राई पंजीकृत प्रेषकों को यूआरएल वाले एसएमएस ट्रैफ़िक के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए अपने श्वेतसूची वाले लिंक को संबंधित एक्सेस प्रदाताओं के पोर्टल पर तुरंत अपलोड करने की सलाह दी है। अब तक 3 हजार से अधिक पंजीकृत प्रेषकों ने 70 हजार से अधिक लिंक को श्वेतसूची में डालकर निर्देश का अनुपालन किया है। वहीं, जो प्रेषक नियत तिथि तक अपने लिंक को श्वेत सूची में डालने में विफल रहेगा वे लिंक वाले किसी भी मैसेज को प्रसारित नहीं कर पायेगा।

ये भी पढ़ें :  85% भारतीयों को AI पर भरोसा, भविष्य को लेकर भी बेहद आशावादी: रिपोर्ट

 

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment