जगदलपुर में पिकअप और अज्ञात वाहन की टक्कर, 13 मजदूर घायल

जगदलपुर

छत्‍तीसगढ़ के जगदलपुर के बकावंड थाना क्षेत्र में शनिवार को राजनगर-बस्तर मुख्यमार्ग पर राजनगर के पास एक गंभीर सड़क हादसा हुआ। पिकअप वाहन और एक अज्ञात वाहन के बीच आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में तीन महिला मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 13 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए सीएचसी बकावंड से जिला अस्पताल जगदलपुर रेफर किया गया।

जानकारी के अनुसार, ओडिशा के नबरंगपुर जिले के कोटियारिगुड़ा की कमला पुजारी की पिकअप (ओडी 24 के 4729) के चालक शत्रुघ्न ने ओडिशा से महिला मजदूरों को बकावंड ब्लाक के पंडानार गांव स्थित रोहित चावड़ा कृषि फार्म पर काम पर लाकर शाम को उन्हें ओडिशा वापस लौटाया।

ये भी पढ़ें :  बेमेतरा में बेरहमी से 17 बंदरों की गोली मारकर हत्या…घटना से क्षेत्र में फैली सनसनी, यत्र तत्र वानरों के शव बरामद

दुर्घटना के बाद अज्ञात वाहन मौके से फरार
जब पिकअप राजनगर के पास पुलिया के पास पहुंची, तो अज्ञात वाहन ने सामने से टक्कर मार दी। पिकअप चालक के अनुसार, सामने से आ रही वाहन की हेडलाइट से उसकी आंखें चकाचौंध हो गईं, जिससे वह यह नहीं देख सका कि वह ट्रक था या ट्रैक्टर। दुर्घटना के बाद अज्ञात वाहन मौके से फरार हो गया।

इस हादसे में सिरहागुड़ा निवासी तीन महिला मजदूर पुरनी भतरा (60), दयावती (38), और नंदाय (56) की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। जबकि बिमला, मालती, नन्दनी, पासपरई, थवीरवती, उषा हरिजन, पदमा, बालमती, गुप्तेश्वरी, तुलसी, झरना, तुलावती, और सोनामनी को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल रेफर किया गया।

ये भी पढ़ें :  प्रदेश में अब तक 364.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

स्वास्थ्य सेवाओं में कमी और आपातकालीन स्थिति
सीएचसी बकावंड में इस हादसे के बाद अफरातफरी मच गई। घायलों की चीख-पुकार से माहौल गहमा-गहमी से भर गया। बीएमओ को संपर्क करने पर उन्होंने अवकाश का हवाला दिया, जबकि प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले एमडी डॉक्टर ने मानवीय संवेदनाओं को नजरअंदाज करते हुए ड्यूटी पर आने से इंकार कर दिया। केवल बीएचएमएस डॉक्टर पीताम्बर साहू ने तीन नर्स और अटेंडरों के साथ मिलकर प्राथमिक उपचार किया।

ये भी पढ़ें :  Chhattisgarh Board Exam 2026: 20 फरवरी से शुरू होंगे इम्तिहान, शिक्षकों पर लगाया गया 'एस्मा'

घायलों को जिला अस्पताल भेजने के लिए 108 एंबुलेंस और अस्पताल के वाहन में डीजल की कमी थी, जिसकी व्यवस्था थानेदार छत्रपाल सिंह ने की। इसके बावजूद, घायलों को अस्पताल पहुंचाने में समय की देरी हुई। 7 बजे 13 घायलों को अस्पताल लाया गया, जबकि अंतिम घायल को रात 11 बजे रेफर किया गया, जो गंभीर केस में काफी समय की देरी थी।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment