दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारी कांग्रेस ने शुरू की, MP के नेता को सौंपी जिम्मेदारी

भोपाल

दिल्ली विधानसभा चुनाव की हलचल तेज हो गई है. एक तरफ आम आदमी पार्टी ने चुनाव का ऐलान होने से पहले ही अपने कुछ प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है तो अब कांग्रेस भी चुनावी मोड में आ गई है. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश एक पूर्व मंत्री को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अहम जिम्मेदारी सौंपी है, पार्टी ने उन्हें इलेक्शन में वार रूम का अध्यक्ष बनाया है. माना जा रहा है कि कांग्रेस भी इस बार दिल्ली विधानसभा के लिए जल्द ही अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर सकती है. हालांकि अभी चुनाव आयोग की तरफ से विधानसभा चुनाव को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है.

ये भी पढ़ें :  सच्चा भारतीय है SC नहीं तय करेगा, सरकार से सवाल पूछना LoP का कर्तव्य: प्रियंका गांधी

कांग्रेस ने प्रियव्रत सिंह को सौंपी जिम्मेदारी

दरअसल, कांग्रेस ने पूर्व मंत्री प्रियवत सिंह को दिल्ली विधानसभा चुनाव में वार रूम का अध्यक्ष नियुक्त किया. कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल की तरफ से यह आदेश जारी किया गया है. प्रियव्रत सिंह को राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह का करीबी माना जाता है, प्रियव्रत सिंह जल्द ही दिल्ली पहुंचकर वॉर रूम की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं. माना जा रहा है कि उनके अलावा पार्टी एमपी कांग्रेस के कई और नेताओं को भी दिल्ली विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारियां सौंप सकते हैं.

ये भी पढ़ें :  स्टालिन को मात देने के लिए BJP और AIADMK मिलाएंगे हाथ? फैसला चुनावों के करीब आने पर लिया जाएगा

कमलनाथ सरकार में मंत्री रह चुके हैं प्रियव्रत सिंह

प्रियव्रत सिंह 15 महीने की कमलनाथ सरकार में मंत्री रह चुके हैं. वह राजगढ़ जिले की खिलचीपुर विधानसभा सीट से तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं. हालांकि 2023 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. प्रियव्रत सिंह मध्य प्रदेश में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के अलावा संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. ऐसे में कांग्रेस ने अब उन्हें दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है.

फरवरी में हो सकते हैं दिल्ली विधानसभा चुनाव

ये भी पढ़ें :  झारखंड की राजनीति में हलचल: पोस्टर हटे, साथी गायब और हेमंत सोरेन दिल्ली रवाना—कुछ तो बड़ा पक रहा है!

वहीं बात अगर दिल्ली विधानसभा चुनाव की जाए तो यहां चुनाव अगले साल फरवरी में हो सकते हैं. क्योंकि 2020 में चुनाव की घोषणा 6 जनवरी को हुई थी, जबकि फरवरी के महीने में वोटिंग और रिजल्ट आया था. ऐसे में माना जा रहा है कि विधानसभा का कार्यकाल होने तक फरवरी में ही चुनाव की घोषणा हो सकती है. दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार भी मुकाबला त्रिकोणीय देखने को मिल सकता है, जहां सत्ताधारी आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी फाइट होगी. 

Share

Leave a Comment