सांसद निधि योजना की राशि बढ़ाने के सुझाव पर चर्चा करेगी संसदीय समिति

नई दिल्ली
सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) पर नवगठित संसदीय समिति की पहली बैठक सात जनवरी 2025 को होगी जिसमें इस मद की निधि को मौजूदा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने के अनुरोध पर चर्चा की जाएगी। राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश इस समिति के अध्यक्ष हैं। एमपीएलएडीएस पर समिति के निर्धारित एजेंडे के अनुसार, ‘संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) पर नवगठित समिति की पहली बैठक 7 जनवरी 2025 को संसद भवन एनेक्सी में आयोजित की जाएगी जिसमें विभिन्न मुद्दों पर विचार किया जाएगा और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के प्रतिनिधियों के विचार सुने जायेंगे।’

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आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा ने 29 अक्टूबर 2023 को इस मद की राशि को मौजूदा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का आग्रह किया था। उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित गरीब मरीजों के लिए एमपीएलएडी फंड के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। उनके इस सुझाव पर भी समिति द्वारा विचार विमर्श किया जाएगा।

संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास प्रभाग को संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस योजना के अंतर्गत, प्रत्येक सांसद को अपने निर्वाचन क्षेत्र में प्रति वर्ष 5 करोड़ रुपये तक के कार्यों के लिए जिला कलेक्टर को सुझाव देने का प्रावधान है।

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योजना के तहत राज्य सभा सदस्य उस राज्य के एक या एक से अधिक जिलों में कार्यों की सिफारिश कर सकते हैं जहां से वे निर्वाचित हुए हैं। कोविड महामारी के मद्देनजर एमपीलैड्स को 6 अप्रैल, 2020 से 9 नवंबर, 2021 तक निलंबित कर दिया गया था और वित्त वर्ष 2020-21 के लिए इस योजना के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई थी।

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वित्त वर्ष 2021-22 की शेष अवधि, यानी 10 नवंबर, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक, प्रत्येक संसद सदस्य के लिए योजना के तहत 2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
1993-94 में जब यह योजना शुरू की गई थी, तब प्रत्येक संसद सदस्य को 5 लाख रुपए की राशि आवंटित की गई थी जिसे 1994-95 में बढ़ाकर एक करोड़ रुपए प्रति वर्ष कर दिया गया। इसके बाद, इसे 1998-99 में बढ़ाकर 2 करोड़ रुपए और वित्तीय वर्ष 2011-12 से 5 करोड़ रुपए किया गया।

 

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