इस्लामिक स्टेट मॉड्यूल पर ऐक्शन में NIA, 16 ठिकानों पर की गई छापेमारी

नई दिल्ली

इस्लामिक स्टेट मॉड्यूल को लेकर एनआईए ने सख्ती दिखाई है और 16 ठिकानों पर छापेमारी की है। यह जांच आईएसआईएस के उस मॉड्यूल के खिलाफ हो रही है, जिसके तहत युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेला जा रहा है। केरल, तमिलनाडु के युवाओं को इस्लामिक स्टेट में भर्ती करने की कोशिशें हो रही हैं। यही नहीं बीते कुछ सालों में करीब 20 युवा इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के लिए सीरिया और इराक तक गए थे। एजेंसी की ओर से यह छापेमारी इस्लामिक स्टेट के अलावा कुछ और विदेशी आतंकी संगठनों के साथ लिंक को लेकर की जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि चेन्नै और मायिलादुथुरई समेत कई इलाकों में ये रेड मारी जा रही हैं। अब भी एनआईए की टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। एजेंसी ने 25 जनवरी को ही दो संदिग्ध लोगों को अरेस्ट किया था। ये लोग प्रतिबंधित संगठन पीएफआई से जुड़े हुए थे और उनका पीएमके के नेता वी. रामलिंगम की हत्या में हाथ माना जा रहा है। वी. रामलिंगम का 2019 में कत्ल हो गया था। इस मामले को सांप्रदायिक ऐंगल से देखा जा रहा है और जब जांच आगे बढ़ी तो इसमें पीएफआई यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का नाम सामने आया।

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चेन्नई के कई इलाकों में छापेमारी जारी 

चेन्नई के मायिलादुथुरई समेत कई इलाकों पर एनआईए की छापेमारी जारी है। अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। एजेंसी ने 25 जनवरी को दो संदिग्ध को गिरफ्तार किया था। ये लोग प्रतिबंधित संगठन पीएफआई से जुड़े थे।

कट्टरपंथ और आईएसआईएस की भर्ती की कोशिशें

पिछले कुछ सालों में केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में आईएसआईएस की गतिविधियां बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 20 युवा सीरिया और इराक में इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के लिए जा चुके हैं। एनआईए इन गतिविधियों को रोकने और इसके पीछे के नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है।
दो संदिग्ध गिरफ्तार

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एनआईए ने 25 जनवरी को दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, जिनका संबंध प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से बताया जा रहा है। इन संदिग्धों पर आरोप है कि वे पीएमके (पट्टाली मक्कल कच्ची) के नेता वी. रामलिंगम की हत्या में शामिल थे।
वी. रामलिंगम हत्याकांड

2019 में वी. रामलिंगम की हत्या को सांप्रदायिक ऐंगल से देखा गया था। एनआईए की जांच में यह खुलासा हुआ कि हत्या के पीछे पीएफआई का हाथ था। इस कांड में गिरफ्तार किए गए संदिग्धों पर आतंकी संगठनों से संबंध होने का भी शक है।
एनआईए का उद्देश्य

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    आतंकी मॉड्यूल का खात्मा:
    एनआईए कट्टरपंथी संगठनों और आईएसआईएस जैसे आतंकवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए काम कर रही है।
    विदेशी आतंकी संगठनों के लिंक:
    इस छापेमारी में विदेशी संगठनों के साथ संपर्क रखने वाले मॉड्यूल्स की पहचान की जा रही है।
    भर्ती प्रक्रिया पर रोक:
    आईएसआईएस और अन्य आतंकी संगठनों की ओर से युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ मोड़ने के प्रयासों को खत्म करना प्राथमिकता है।

क्या है पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI)?

पीएफआई एक विवादित संगठन है, जिसे भारत में सांप्रदायिक और हिंसक गतिविधियों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है। यह संगठन अक्सर जांच एजेंसियों की नजर में रहता है, और इसके कई सदस्य कट्टरपंथी विचारधारा को फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

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