अजमेर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अरावली की छोटी चट्टानें तेजी से खत्म हो रही हैं। आवासीय और व्यावसायिक निर्माण के चलते मैदानी इलाकों में 50 प्रतिशत तक चट्टानें नष्ट हो चुकी हैं। इससे जैव विविधता और मिट्टी की उर्वरा क्षमता प्रभावित हो रही है। करीब 2.5 से 3.2 अरब वर्ष पुरानी अरावली राजस्थान और हरियाणा से होते हुए दिल्ली तक लगभग 700 किलोमीटर में फैली है। अजमेर, ब्यावर, उदयपुर, देवगढ़ और पाली-सिरोही के मैदानी क्षेत्रों में मौजूद छोटी चट्टानें मिट्टी का कटाव रोकने और उसकी उर्वरा क्षमता बनाए रखने…
Read MoreTag: Aravalli rocks
अरावली की छोटी चट्टानों पर संकट, अजमेर में निर्माण के चलते 50% से ज्यादा चट्टानें खत्म
अजमेर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अरावली पर्वतमाला की छोटी चट्टानें संकट में हैं। आवासीय और व्यावसायिक निर्माण के चलते मैदानी इलाकों में 50 प्रतिशत से अधिक चट्टानें खत्म हो चुकी हैं। इससे जैव विविधता पर असर पड़ रहा है। करीब 2.5 से 3.2 अरब वर्ष पुरानी अरावली पर्वतमाला राजस्थान और हरियाणा से होते हुए दिल्ली तक करीब 700 किलोमीटर में फैली हुई है। अजमेर, ब्यावर, उदयपुर, देवगढ़ और पाली-सिरोही के मैदानी क्षेत्रों में छोटी चट्टानें हैं। ये चट्टानें मिट्टी के कटाव को रोकने और उसकी उर्वरा क्षमता बनाए रखने…
Read More
