ढाका
बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या का सिलसिला रुक ही नहीं रहा है. शुक्रवार को राजबाड़ी जिले के सदर उपजिले में एक हिंदू युवक को फिर धर्म आधारित हत्या का शिकार होना पड़ा. वो पेट्रोल पंप पर काम करता था और उसने जब फ्यूल के पैसे मांगे तो एक कार चालक ने जानबूझकर उसे कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. मृतक की पहचान 30 वर्षीय रिपन साहा के रूप में हुई है.
रिपन साहा राजबाड़ी के गोलांदा मोड़ के पास स्थित करीम फिलिंग स्टेशन में काम करता था. बताया जा रहा है कि एक काली लैंड क्रूजर कार ने पेट्रोल भरवाने के बाद पैसे दिए बिना वहां से निकलने की कोशिश की. जब रिपन साहा ने कार को रोककर पेट्रोल के पैसे मांगे, तो चालक ने जानबूझकर गाड़ी आगे बढ़ा दी और उसे कुचल दिया. इस हमले में रिपन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आरोपी वाहन लेकर फरार हो गए.
जान-बूझकर हिंदू को कुचला
राजबाड़ी सदर थाने के प्रभारी अधिकारी खोंदकार जियाउर रहमान ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई हत्या है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और उसके मालिक अबुल हाशेम को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की राजबाड़ी जिला इकाई का पूर्व कोषाध्यक्ष बताया जा रहा है. वहीं, वाहन चालक कमाल हुसैन को भी हिरासत में ले लिया गया है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि पीड़ित कार के सामने खड़ा था क्योंकि पेट्रोल का भुगतान नहीं किया गया था. उसी दौरान उसे कुचल दिया गया और आरोपी फरार हो गए. इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया जाएगा.
BNP के राज में भी होगी हिंदुओं की हत्या?
यह घटना बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा की एक और कड़ी मानी जा रही है.पिछले एक महीने में यह ऐसी दसवीं हत्या है. इससे पहले इसी सप्ताह फेनी जिले के डागनभुइयां उपजिला में एक अन्य हिंदू युवक समीर दास की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी. 27 साल के ऑटो-रिक्शा चालक का शव सोमवार को एक खेत से बरामद किया गया था. इन घटनाओं को लेकर भारत ने 9 जनवरी को गहरी चिंता जताई थी और कहा था कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर नजर बनाए हुए है. भारत ने उम्मीद जताई थी कि बांग्लादेश सरकार इस तरह की साम्प्रदायिक हिंसा पर सख्त कार्रवाई करेगी. हालांकि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरम सरकार इस पर कोई कदम नहीं उठा रही है. अब रिपन दास की हत्या में बीएनपी के नेता का हाथ होने के बाद सवाल ये भी उठ रहा है कि बांग्लादेश की आने वाली सरकारों में भी हिंदुओं का यही हाल रहेगा?


