लखनऊ में बड़ी साजिश नाकाम, चारबाग धमाके की योजना बना रहे 4 आतंकी गिरफ्तार

लखनऊ

यूपी एसटीएफ को लखनऊ में बड़ी सफलता मिली है। एटीएस ने चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। चारों लखनऊ के चारबाग में धमाका करने आए थे, लेकिन उससे पहले ही एटीएस ने धर दबोचा। इनमें दो आतंकी मेरठ और दो नोएडा के रहने वाले हैं। गिरफ्तार सभी आतंकी सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म से जुड़कर पाकिस्तान हैंडलर के संपर्क में थे।

गिरफ्तार आतंकियों में मुख्य आरोपी नाई का काम करता था जो उसकी आड़ में देश के खिलाफ साजिश रच रहा था। एटीएस को आतंकियों के लखनऊ में होने की जानकारी मिलते ही तलाशी अभियान शुरू कर दिया। चारों आतंकी एटीएस के हत्थे चढ़ गए। गिरफ्तारी के दौरान एटीएस ने उनके पास से एक कैन ज्वलनशील पदार्थ, सात स्मार्टफोन, 24 पम्पलेट और आधार कार्ड बरामद किए हैं।

लखनऊ के चारबाग में करनी थी बड़ी आतंकी घटना

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यूपी के एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि देश में दहशत फैलाने की तैयारी में जुटे मेरठ के अगवानपुर गांव थाना परीक्षितगढ़ इलाके के साकिब उर्फ डेविड(25), मेरठ के अरबाब(20), गौतमबुद्धनगर के राम विहार निवासी विकास गहलावत उर्फ रौनक(27) और राम विहार कालोनी गौतमबुद्धनगर के ही लोकेश उर्फ पोपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू(19) को शुक्रवार को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के करीब गिरफ्तार किया गया। एटीएस के मुताबिक, चारों शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे और साथियों के साथ मिलकर लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल और रेलवे की संपत्तियों को आगजनी अथवा विस्फोट के जरिये नुकसान पहुंचाने जा रहे थे। इससे पहले ही एटीएस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। एटीएस को सूचना मिली थी कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यमों से एक भारतीय गिरोह, पाकिस्तान हैंडलर के निरंतर संपर्क में है तथा देश विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहा है। गिरोह का मुख्य उद्देश्य देश के महत्त्वपूर्ण संस्थानों तथा राजनैतिक व्यक्तियों की रेकी कर प्राप्त जानकारी को पाकिस्तानी हैंडलर को उपलब्ध कराना तथा योजना बनाकर उन्हें नुक्सान पहुंचाना है।

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देश में घटनाओं का वीडियो भेजकर मंगाता था पैसे

एटीएस ने साकिब उर्फ डेविल (25 वर्ष) पुत्र शकील अहमद, अरबाब (20 वर्ष) पुत्र रहीशुद्दीन निवासी अगवानपुर थाना परीक्षितगढ़ जिला मेरठ, 27 वर्षीय विकास गहलावत उर्फ रौनक पुत्र रविंद्र निवासी राम विहार, लोकेश उर्फ पपलात (19 वर्ष) पुत्र रोहताश शर्मा निवासी रामविहार कॉलानी, छपरौला जिला नोएडा को गिरफ्तार किया है। एटीएस की पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्तार आतंकियों ने पिछले दिनों कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाओं को भी अंजाम दिया था। घटना के बाद आतंकी वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजकर क्यू आर कोड के माध्यम से पैसे मंगाए जाते थे।

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पैसों के लालच में रचने लगे थे देश विरोधी साजिश

गिरफ्तार चारों आतंकी पैसों के लालच में देश विरोधी साजिश रचने लगे थे। गिरोह के मुख्य सदस्य ने अपने ही गांव के अरबाब को भी इस काम में शामिल कर लिया था। पैसों का लालच देकर उसने नोएडा के रहने वाले विकास और लोकेश को भी अपने गिरोह में शामिल कर लिया। पूछताछ में पता चला है कि चारों प्रतिष्ठित संस्थानों और वाहनों की रेकी भी करते थे। इस गिरोह ने गाजियाबाद, अलीगढ़, लखनऊ जैसे शहरों में वाहनों, रेलवे सिग्नल बॉक्स की रेकी की थी। घटना के बाद गिरोह ने उसके वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर को भेजे थे। पाकिस्तानी हैंडलीर द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों की गूगल लोकेश भेजी जाती थी, जिसके आधार पर रेकी का काम होता था।

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