रायपुर.
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड
होमस्टे पॉलिसी के प्रभावी क्रियान्वयन, सब्सिडी प्रक्रिया और अतिरिक्त सुविधाओं पर केंद्रित महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य की अध्यक्षता में संपन्न हुई। सरगुजा और बस्तर संभाग के होमस्टे ओनर्स व टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स ने ऑनलाइन भाग लिया, जबकि छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष विनोद अरोड़ा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
होमस्टे पॉलिसी पर विस्तृत प्रेजेंटेशन
बैठक में ऑनलाइन माध्यम से प्रदेश के सरगुजा और बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से होमस्टे ओनर्स एवं टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स भी जुड़े। बैठक की शुरुआत होमस्टे पॉलिसी पर विस्तृत प्रेजेंटेशन के साथ की गई, जिसमें पॉलिसी के अंतर्गत आवश्यक दस्तावेजों, पात्रता मानदंडों तथा होमस्टे ओनर्स को प्रदान की जाने वाली सब्सिडी की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि सब्सिडी किस प्रकार और किन चरणों में दी जाएगी। होमस्टे ओनर्स को बताया गया कि सब्सिडी चरणबद्ध तरीके से प्रदान की जाएगी, जिसमें आवश्यक योग्यताओं पर जोर दिया गया। ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष विनोद अरोड़ा ने ऋण संबंधी जानकारी साझा करते हुए बताया कि होमस्टे ओनर्स किस प्रकार ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं, ऋण की प्रक्रिया क्या होगी तथा किन शर्तों के अंतर्गत उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
क्लस्टर विकास की विशेष योजनाएं
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि होमस्टे को अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। साथ ही, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा यह प्रस्ताव रखा गया कि यदि किसी एक गांव में 10 से 12 होमस्टे एक क्लस्टर के रूप में विकसित किए जाते हैं, तो वहां सामुदायिक सहभागिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी। विवेक आचार्य ने होमस्टे ओनर्स को नजदीकी टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर से पंजीकरण व जानकारी लेने की सलाह दी। इससे ओनर्स को व्यावहारिक सहायता मिलेगी। यह बैठक राज्य के होमस्टे पर्यटन को सशक्त बनाने और ग्रामीण विकास को गति देने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।


