संघर्ष विराम की खबर से बाजारों में जोश, रुपया मजबूत, शेयर बाजार में जोरदार उछाल

मुंबई 

युद्ध विराम की घोषणा से पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है, भारत के लिए भी आज का दिन चौतरफा खुशियां लेकर आया है. शेयर बाजार से लेकर सर्राफा बाजार तक, हर तरफ हरियाली और तेजी का माहौल है. छोटे-बड़े निवेशक सब झूम उठे हैं। 

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्त तक युद्धविराम की खबरों ने वैश्विक बाजारों में उत्साह भर दिया है. बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी गई. भारतीय बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान ही निवेशकों को करीब 18 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई। 

1. शेयर बाजार में 'बम-बम' तेजी
ईरान और अमेरिका के बीच संघर्षविराम ने सबसे पहले शेयर बाजार का माहौल बदल दिया है. भारतीय शेयर बाजार के लिए आज दिन बेहद शानदार भरा रहा है, वैश्विक संकेतों और घरेलू निवेशकों के भरोसे के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में भारी उछाल देखा गया. निफ्टी करीब 900 अंक तक उछल गया और 24000 अंक को पार भी कर गया. सेंसेक्स में 3000 अंकों की उछाल देखने मिली। 

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2. रुपया हुआ मजबूत
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी आज काफी मजबूत स्थिति में दिखा. विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये ने जोरदार वापसी की है. डॉलर के मुकाबले रुपया 50 पैसे मजबूत होकर 92.56 के स्तर पर पहुंच गया। 

3. सोने और चांदी ने भी लगाई दौड़
सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, सोने-चांदी की कीमतें भी भागने लगी हैं. जिससे सोने और चांदी में निवेश करने वालों के चेहरे खिल उठे हैं. MCX पर सोना करीब 3,300 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़कर 1,53,770 रुपये पर पहुंच गया है, यह तेजी वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश की मांग के कारण देखी जा रही है। 

चांदी की कीमतों में तो और भी जबरदस्त उछाल आया है. चांदी करीब 13,000 रुपये से अधिक की तेजी के साथ 2,44,910 प्रति किलोग्राम के पार निकल गई है. औद्योगिक मांग और वैश्विक सुधार के चलते चांदी में तेजी लौटी है। 

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4. कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
युद्ध विराम ने सबसे पहले कच्चे तेल के भाव पर ब्रेक लगाया. कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमत लुढ़क कर 94 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. जिसने भारतीय रुपये को सहारा दिया है. इससे भारत के आयात बिल में कमी आएगी और महंगाई पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। 

बता दें, शेयर बाजार के निवेशकों के लिए आज का दिन सबसे अहम है. जानकारों का मानना है कि अगर वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह स्थिर रहीं, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजार नए रिकॉर्ड बना सकता है. क्योंकि बुधवार की तेजी में रिटेल निवेशकों के पोर्टफोलियो में भी सुधार देखने को मिले हैं। 

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व्यापारी संगठनों के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट खुलने से तेल और अन्य सामानों की सप्लाई चेन सुधरेगी। दिल्ली के व्यापारिक केंद्रों चांदनी चौक, सदर बाजार में पहले युद्ध से जो 5000 करोड़ का नुकसान हुआ था, उसकी भरपाई की उम्मीद बनेगी।

दिल्ली के लोकल बाजारों (दवाइयां, ड्राई फ्रूट्स, आटो पार्ट्स) पर पहले से पश्चिम एशिया युद्ध का असर पड़ा था, जिनकी कीमतें 40 प्रतिशत तक बढ़ी थीं। दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा ने युद्ध विराम का स्वागत करते हुए कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है।

इससे न जान माल की क्षति होती है बल्कि, अर्थव्यवस्था को नुकसान होता है। दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन के महासचिव श्रीभगवान बंसल ने कहा कि जल मार्ग के साथ हवाई मार्ग प्रभावित होने से आयात निर्यात प्रभावित है। उसके सामान्य होने की उम्मीद है।

  

 

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