पाकिस्तान सीमा से गुपचुप छुपा ईरानी टैंकर, भारत में घुसते ही कोस्टगार्ड ने पकड़ी चालाकी

मुंबई 

भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने 6 फरवरी को भारत के पश्चिमी तट के पास ईरान से जुड़े जिन तीन प्रतिबंधित तेल टैंकरों को जब्त किया, उनमें से एक जहाज के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है. दर्ज एफआईआर के अनुसार, इन टैंकरों में से एक जहाज एमटी एस्फाल्ट स्टार कई दिनों तक पाकिस्तान के समुद्री क्षेत्र में अपनी ट्रैकिंग सिस्टम बंद रखे हुए था.

जब्त किए गए तीन जहाजों के नाम MT Asphalt Star, MT Stellar Ruby और MT Al Jafzia हैं. इन पर ईरान से जुड़े तेल की तस्करी और अवैध गतिविधियों का आरोप है. भारतीय तटरक्षक ने 4-5 फरवरी को इन जहाजों की संदिग्ध शिप-टू-शिप ट्रांसफर गतिविधियों का पता लगाया और उन्हें मुंबई लाकर जांच के लिए रखा. कुल 55 क्रू मेंबर्स इन जहाजों पर सवार थे.

ये भी पढ़ें :  सुकन्या समृद्धि खाता: 31 मार्च से पहले करें जरूरी अपडेट, नहीं तो अकाउंट बंद हो सकता है

रिपोर्ट के मुताबिक, 15 फरवरी को येलो गेट पुलिस स्टेशन में तटरक्षक कमांडेंट अनिरुद्ध धर्मपाल दबाश की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई. इसमें नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें तीनों जहाजों के मालिक अबू धाबी (यूएई) स्थित भारतीय नागरिक जोगिंदर सिंह बरार शामिल हैं. एस्फाल्ट स्टार के कप्तान श्याम बहादुर चौहान और एक क्रू मेंबर को तेल तस्करी तथा जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

एफआईआर के अनुसार, एमटी एस्फाल्ट स्टार के इलेक्ट्रॉनिक चार्ट डिस्प्ले एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (ECDIS) डेटा की जांच में पाया गया कि 20 जनवरी से 28 जनवरी तक यह जहाज पाकिस्तान की विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में प्रवेश कर गया था. 28 जनवरी को सुबह करीब 11 बजे जहाज ने अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS), वेरी हाई फ्रीक्वेंसी (VHF) और सभी सेंसर बंद कर दिए, जिससे उसकी पहचान छिपाई गई और संदिग्ध गतिविधियां की गईं. कप्तान ने पूछताछ में कहा कि जहाज का वॉयेज डेटा रिकॉर्डर सिस्टम खराब हो गया था.

ये भी पढ़ें :  भारत ने फिलिस्तीन के स्वतंत्र राष्ट्र की मांग के पक्ष में जोरदार समर्थन

तीनों जहाजों ने AIS स्पूफिंग (झूठी लोकेशन दिखाना) और फर्जी पहचान डेटा का इस्तेमाल करके जांच से बचने की कोशिश की. एफआईआर में कहा गया है कि एमटी अस्फाल्ट स्टार ने भारतीय महासागर की ईईज़ेड में बिना किसी भारतीय सरकारी अधिकारी को सूचित किए एमटी अल जफजिया को 30 मीट्रिक टन हेवी फ्यूल ऑयल ट्रांसफर किया. साथ ही, एमची स्टेलर रूबी को 5473 मीट्रिक टन बिटुमेन (सड़क निर्माण के लिए इस्तेमाल) ट्रांसफर किया गया.

ये भी पढ़ें :  भारत की ओर वैश्विक नजर: गूगल, Nvidia समेत 50+ कंपनियों के CEO क्यों पहुंच रहे हैं?

जोगिंदर सिंह बरार ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उनके जहाज संकट में फंसे अन्य जहाजों को आवश्यक आपूर्ति प्रदान कर रहे थे तथा कोई अवैध गतिविधि नहीं की गई. उन्होंने भारतीय अधिकारियों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी है.

यह कार्रवाई ईरान से जुड़े ‘शैडो फ्लीट’ (गुप्त जहाजों के नेटवर्क) के खिलाफ अमेरिका के प्रतिबंधों का समर्थन करने वाली भारत की बढ़ती सतर्कता का हिस्सा मानी जा रही है. तटरक्षक ने भारतीय EEZ में निगरानी बढ़ा दी है और अवैध तेल व्यापार पर सख्ती बरती जा रही है. जांच जारी है और आरोपी जहाज मुंबई में लंगर डाले हुए हैं.
 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment