MH370: 239 यात्रियों संग गुम हुआ विमान—11 साल बाद फिर क्यों तेज हुई तलाश?

कुआलालंपुर
विमान हादसों की रहस्यमयी कड़ी में मलेशिया का MH370 आज भी सबसे अनसुलझा रहस्या बना हुआ है, जिसमें एक पूरा विमान आसमान से अचानक गायब हो गया था। हादसे को 11 साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद आज तक इसका कोई पुख्ता जवाब नहीं मिला है। अब मलेशिया सरकार ने इसकी तलाश फिर से शुरू करने का फैसला किया है। मलेशियाई अधिकारियों ने घोषणा की है कि मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान MH370 के मलबे की खोज 30 दिसंबर 2025 से एक बार फिर शुरू हो रही है। उस विमान में 227 यात्री और 12 क्रू मेंबर सहित कुल 239 लोग सवार थे।

कुआलालंपुर से बीजिंग जा रही मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH370 8 मार्च 2014 की सुबह टेकऑफ के कुछ ही देर बाद बिना किसी डिस्ट्रेस कॉल या संकेत के रडार से गायब हो गई। इसके बाद विमानन इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा और लंबा सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। कई तरह के सिद्धांत और षड्यंत्रकारी थ्योरी भी सामने आईं। अब मलेशिया के परिवहन मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिकी कंपनी ओशन इन्फिनिटी दक्षिणी हिंद महासागर के तल पर फिर से व्यापक खोज शुरू करेगी। यह नया सर्च अभियान 30 दिसंबर 2025 से शुरू होकर रुक-रुक कर लगभग 55 दिन तक चलेगा। इस साल मार्च में ही मलेशिया सरकार ने ओशन इन्फिनिटी के साथ नया करार किया था।

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पीड़ित परिवारों को मिलेगी मानसिक सुकून
विमान में सवार 239 लोगों में सबसे ज्यादा 153 यात्री चीन के थे। इन परिवारों ने पिछले कई सालों से मलेशिया सरकार पर खोज फिर शुरू करने का दबाव बनाए रखा है। कई रिश्तेदार आज भी इंतजार में हैं कि कम से कम उनके प्रियजनों के अवशेष या मलबा मिल जाए, ताकि उन्हें यह समझ आए कि आखिर उनके अपनों के साथ क्या हुआ। सरकार इस खोज को परिवारों को अंतिम जवाब देने की कोशिश मान रही है।

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मलेशिया को कोई वित्तीय बोझ नहीं
यह सर्च ऑपरेशन 'No Find, No Fee' आधार पर होगा, यानी अगर विमान या उसका विश्वसनीय मलबा नहीं मिला तो मलेशिया सरकार को एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा। कंपनी को 70 मिलियन अमेरिकी डॉलर तभी मिलेंगे जब MH370 का मुख्य मलबा या ठोस सबूत मिलेगा। यह वही शर्त 2018 के असफल अभियान में भी थी।

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इस बार ज्यादा सटीक जगह पर तलाश
ओशन इन्फिनिटी ने 2018 के बाद लगातार नए सैटेलाइट डेटा, समुद्री धाराओं के मॉडल और ड्रिफ्ट एनालिसिस का अध्ययन किया है। इसके आधार पर अब खोज क्षेत्र को और छोटा व सटीक कर दिया गया है, जहां विशेषज्ञों के अनुसार विमान के मिलने की सबसे ज्यादा संभावना है।
अब तक क्या-क्या हो चुका है?

2014-2017: मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया और चीन ने मिलकर 1,20,000 वर्ग किमी क्षेत्र खंगाला था, लेकिन कुछ मिला नहीं।

2018: ओशन इन्फिनिटी ने 25000 वर्ग किमी क्षेत्र खोजा। एक बार फिर असफलता हाथ लगी

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