नीतीश ने पहली बार खुले मंच से भाजपा और जदयू के गठबंधन को तोड़ने के लिए किसी नेता को जिम्मेदार ठहराया

मधुबनी
बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर में गुरुवार को आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बड़ी बात कह दी। अपने संबोधन के दौरान सीएम नीतीश ने कहा कि बीच में हमारी पार्टी ने गड़बड़ कर दी थी। उन्होंने जदयू के पूर्व अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की ओर इशारा किया। फिर कहा, "यहीं बैठे हुए हैं, इन्हीं से पूछिए। बाद में इनको लगा कि गड़बड़ है उनको (आरजेडी-कांग्रेस) को छोड़ दीजिए, हम कभी उनके साथ नहीं जा सकते हैं।" सीएम ने महागठबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सब गड़बड़ किया है।

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लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि ये गड़बड़ करते हैं, इसलिए पहले भी उनके खिलाफ ही लड़े थे। 2005 में बहुत बढ़िया से लड़े थे। नीतीश ने ललन सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा कि उस समय ये हमारे साथ ही थे। खूब लड़े थे। पार्टी के अध्यक्ष भी थे।

नीतीश ने पहली बार खुले मंच से भाजपा और जदयू के गठबंधन को तोड़ने के लिए किसी नेता को जिम्मेदार ठहराया है। सीएम के संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मंच पर मौजूद थे। नीतीश ने पीएम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार के लिए बहुत कुछ किया है। हम लोग अब साथ हैं और आगे भी रहेंगे।

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बता दें कि नीतीश की पार्टी जदयू ने 2022 में बीजेपी से नाता तोड़ लिया और आरजेडी के साथ मिलकर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनाई थी। उस समय सीएम नीतीश ही बने थे और उनके डिप्टी तेजस्वी यादव रहे। 2022 के सत्ता परिवर्तन के दौरान जदयू की कमान ललन सिंह के हाथों में थी।

जब नीतीश ने भाजपा का साथ छोड़ा था तब जदयू में ललन सिंह के अलावा बिजेंद्र यादव जैसे सीनियर नेता भी समाजवादी एकता के नाम पर लालू यादव की पार्टी राजद और महागठबंधन के साथ जाने के पैरोकार थे।

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दिसंबर 2023 में ललन सिंह ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद नीतीश ने एक बार फिर पार्टी की कमान अपने हातों में ले ली। इसके ठीक एक महीने बाद जनवरी 2024 में जदयू का आरजेडी से नाता टूट गया और नीतीश ने एनडीए में वापसी कर बीजेपी के साथ सरकार का गठन किया।

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