रामगोपाल गर्ग आधी रात चिल्फी बॉर्डर पहुंचे, अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

मुंगेली

आईजी रामगोपाल गर्ग बिलासपुर रेंज के विभिन्न जिलों का लगातार दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार देर शाम आईजी मुंगेली पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले एसपी कार्यालय का निरीक्षण किया, फिर लोरमी फास्टर पर पहुंचे। यहां रिकॉर्ड, मालखाना, रोजनामचा की जांच की। इसके बाद आईजी रामगोपाल गर्ग ने रात करीब एक बजे एसएसपी भोजराम पटेल के साथ चिल्फी थाने पहुंचे और राज्य के चिल्फी बार्डर का भी निरीक्षण किया। आईजी ने बॉर्डर पार से आने वाले वाहनों की विधिवत और नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए।

ये भी पढ़ें :  जैन धर्मगुरु मुनिश्री सुधाकर ने ‘बटेंगे तो कटेंगे’ पर जताई आपत्ति

आईजी ने बार्डर पर होने वाले सभी अवैध गतिविधियों पर नजर रखने और कैमरे लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा एसएसपी समेत सभी पुलिस अधिकारियों को अभिलेखों का अद्यतन एवं सुव्यवस्थित संधारण, गंभीर अपराधों व मर्ग प्रकरणों का त्वरित निराकरण, लंबित शिकायतों में तेज कार्रवाई,सीसीटीएनएस प्रणाली का प्रभावी व नियमित उपयोग, डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान समेत आम नागरिकों व फरियादियों से संवेदनशील, सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सशक्त एप में अधिक से अधिक चोरी के वाहनों का रिकार्ड अपडेट करने की बात भी कही।

ये भी पढ़ें :  प्रधानमंत्री मोदी से आत्मीय मुलाकात: हमारे परिवार के लिए जीवनभर याद रहने वाला क्षण

पुलिस दरबार में अधिकारी व जवानों की सुनी समस्याएं
गुरुवार को आईजी ने परेड की सलामी ली। टर्नआउट, मार्च पास्ट व बैंड का अनुशसान देख वे प्रभावित हुए और बैंड की टीम के साथ पियानो बजाया। सभी के लिए कैश रिवार्ड की घोषणा की। इसके बाद पुलिस लाइन में बने 3 नए भवनों को लोकापर्ण किया। वहीं हॉल में पुलिस दरबार लगाकर जिले में पदस्थ अधिकारी व जवानों की समस्याएं भी सुनी। उन्होंने सभी को अनुशासित ढंग से काम करने के निर्देश भी दिए।

ये भी पढ़ें :  बिलासपुर जिले की पांच जनपदों की हजारों महिलाएं अब लखपति दीदी का दर्जा हासिल कर चुकी

कोटवार प्रशासन और पुलिस की महत्वपूर्ण कड़ी: आईजी
साइबर और ट्रैफिक सेंस की ट्रेनिंग के बाद उत्कृष्ट कार्य करने वाले कोटवारों के सम्मान समारोह में भी आईजी शामिल हुए। वे कोटवारों के कार्य देख प्रभावित हुए। उन्होंने कोटवारों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय न्याय संहिता में उनका पद का उल्लेख है। वे शासन-प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी है। ग्रामीण इलाकों से पुलिस और प्रशासन को मिलने वाला उनका सहयोग अमूल्य है। उनकी एक छोटी सी सूचना बड़ी वारदात की योजना को विफल कर सकती है।

Share

Leave a Comment