जलवायु परिवर्तन में अमीरों की भूमिका गरीबों से 680 गुना अधिक

नई दिल्ली वैश्विक जलवायु संकट के पीछे सिर्फ अमीरों की उपभोग की आदतें ही नहीं, बल्कि उनकी संपत्ति और निवेश भी प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। जारी ‘क्लाइमेट इनइक्वैलिटी रिपोर्ट 2025’ (Climate Inequality Report 2025) के अनुसार, दुनिया के शीर्ष 1% अमीर लोग वैश्विक उपभोग-आधारित उत्सर्जन (consumption-based emissions) का 15% हिस्सा रखते हैं, लेकिन निजी पूंजी स्वामित्व से जुड़े 41% उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमीरों की संपत्ति और निवेश जलवायु परिवर्तन को गहराने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं, क्योंकि उनके पास ऐसे निवेश हैं जो…

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क्लाइमेट चेंज की मार से कांपे चाय बागान, असम में चाय उत्पादन पर मंडराया संकट

नईदिल्ली  असम के चाय बागानों में धूप की तपिश में काम करने वाली मजदूर कामिनी कुरमी सिर पर छाता बांध लेती हैं. इससे हाथ खाली रहते हैं. नाजुक पत्तियां तोड़ना आसान हो जाता है. लेकिन गर्मी इतनी तेज है कि सिर चकराने लगता है और दिल की धड़कन तेज हो जाती है. कामिनी जैसी सैकड़ों महिलाएं अपनी कुशल उंगलियों से चाय की फसल काटती हैं. मशीनें आम फसलों को जल्दी काट लेती हैं, लेकिन चाय के लिए हाथों की जरूरत पड़ती है. क्लाइमेट चेंज से मौसम की मार बढ़ रही…

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18 देशों की रिसर्च में बड़ा खुलासा: आलू-प्याज और रोटी पर मंडरा रहा है गंभीर खतरा

नई दिल्ली  जलवायु परिवर्तन देखते-देखते हमारी थाली और जेब तक पहुंचने लगा है. शोधकर्ताओं ने बताया कि क्लाइमेट चेंज के कारण कहीं रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो रही है तो कहीं बाढ़ तो वहीं कुछ जगहें भीषण सूखा या अकाल का सामना कर रही हैं. इसका सबसे बड़ा असर खेती पर पड़ रहा है.  खेती कैसे हो रही है प्रभावित? जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा असर दुनिया भर में होने वाली खेती पर काफी बुरे तरीके से पड़ रहा है. खेती कम होने के कारण अनाज, फल और सब्जियों के दाम…

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जलवायु परिवर्तन के कारण 2024 में 41 अतिरिक्त दिन तक भीषण गर्मी पड़ी: रिपोर्ट

नई दिल्ली दुनिया में 2024 में जलवायु परिवर्तन की वजह से भीषण गर्मी के दिनों में औसतन 41 दिन की वृद्धि हुई है।  एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। यूरोपीय जलवायु एजेंसी कॉपरनिकस के अनुसार, रिकॉर्ड के हिसाब से 2024 सबसे गर्म वर्ष बनने वाला है और यह पहला वर्ष है जिसमें वैश्विक औसत तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक होगा। जलवायु वैज्ञानिकों के दो समूहों – वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन (डब्ल्यूडब्ल्यूए) और क्लाइमेट सेंट्रल – की वार्षिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया…

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जलवायु परिवर्तन से 70 फीसदी घट जाएगी अमेजन की मीथेन सोखने की क्षमता : शोध

नई दिल्ली जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली अत्यधिक गर्मी और उमस अमेजन वर्षावन की ग्रीनहाउस गैस मीथेन को सोखने की क्षमता में 70 फीसदी कमी ला सकती है। ब्राजील स्थित साओ पाउलो विश्वविद्यालय के हालिया शोध में यह दावा किया गया है। शोधकर्ताओं ने कहा कि गर्म जलवायु के कारण दक्षिण अमेरिका के अमेजन वर्षावन के कुछ हिस्सों में अत्यधिक बारिश होने, जबकि कुछ में सूखा पड़ने का अनुमान है, जिससे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन और अवशोषण की उसकी क्षमता प्रभावित हो सकती है। “पृथ्वी के फेफड़े” कहलाने वाले…

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