ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को ऐश्वर्य, सुख-सुविधा और विलासिता का कारक माना जाता है, वहीं शनि देव कर्म, अनुशासन और न्याय के अधिपति हैं. जब इन दो महत्वपूर्ण ग्रहों के बीच विशेष दृष्टि संबंध बनता है, तो यह राजयोग के जैसा शक्तिशाली फल मिलने लगता है. ज्योतिष गणना के अनुसार, जब शुक्र और शनि एक-दूसरे से दशम भाव (10th House) में स्थित होते हैं या उनके बीच 36 डिग्री की विशेष दूरी होती है, तो इसे दशांक दृष्टि या दशांक योग कहा जाता है. 10 अप्रैल को बना…
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