देवउठनी एकादशी बहुत ही विशेष मानी जाती है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है. देवउठनी एकादशी के दिन ही भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा से उठते हैं और फिर से सृष्टि का कार्यभार संभाल लेते हैं. भगवान विष्णु के उठने के साथ ही चातुर्मास समाप्त हो जाता है. इसके बाद विवाह समेत तमाम मांगलिक काम फिर से शुरू कर दिए जाते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी पापों से छुटकारा मिल जाता…
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देवउठनी एकादशी की रात: बस इतना कर लें काम, बदल जाएगा जीवन का भाग्य!
देवउठनी एकादशी का आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यह भगवान विष्णु के जागरण और विवाह, गृहप्रवेश व धार्मिक अनुष्ठानों जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत की प्रतीक है, जो चातुर्मास काल के दौरान रुके हुए थे। भक्त इस पवित्र दिन देवउठनी एकादशी की तिथि तिथि प्रारंभ: 1 नवम्बर 2025, रात्रि 11:48 बजे तिथि समाप्त: 2 नवम्बर 2025, रात 9:42 बजे इसलिए व्रत व पूजा 2 नवम्बर 2025 (रविवार) को की जाएगी। देवउठनी एकादशी उपाय देवउठनी एकादशी की रात घर के मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ गाय के घी के दीपक…
Read Moreदेवउठनी एकादशी: 1 नवंबर को योगनिद्रा से जागेंगे भगवान विष्णु, इन राशियों पर होगी धनवर्षा
देवउठनी एकादशी इस बार 1 नवंबर, शनिवार को मनाई जाएगी. इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की उपासना की जाती है. इस एकादशी को देवोत्थान एकादशी, देवुत्थान एकादशी और देव प्रबोधिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस एकादशी से सभी मांगलिक कार्यों जैसे विवाह, मुंडन की शुरुआत हो जाती है और चार महीने के चातुर्मास का समापन होता है. इस बार देवउठनी एकादशी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि इस दिन एक खास योग बनने जा रहे हैं. दरअसल, इस दिन रवि योग और रुचक महापुरुष…
Read Moreचार महीने बाद फिर से शुरू होंगे शुभ कार्य, जानें कब है देवउठनी एकादशी और इसका महत्व
पंचांग के अनुसार, देवउठनी एकादशी यानी देवउथान एकादशी का पर्व हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और इसके साथ ही विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन जैसे सभी शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है. देवउठनी एकादशी 2025, तिथि और शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 01 नवंबर को सुबह 09 बजकर 11 मिनट पर शुरू होगी और…
Read Moreदेवउठनी एकादशी के बाद शादी के शुभ मुहूर्त – नवंबर-दिसंबर 2025 में कौन से दिन हैं अनुकूल?
हिंदू धर्म में विवाह को सबसे महत्वपूर्ण मांगलिक कार्य माना जाता है. पिछले चार महीने से चले आ रहे चातुर्मास के कारण सभी तरह के शुभ कार्यों पर रोक लगी हुई थी, लेकिन अब शहनाइयों की गूंज फिर से सुनाई देने वाली है. मान्यता है कि देवशयनी एकादशी को भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिसके कारण इस दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं. साल 2025 में भगवान विष्णु अपनी योगनिद्रा से जागकर एक बार फिर शुभ कार्यों के द्वार खोलने जा रहे हैं. आइए जानते हैं…
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